तीन हजार करोड़ की लागत से बनने वाले इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन शनिवार को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया। इस मौके पर मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि उज्जैन हमारी धार्मिक नगरी है और इंदौर आर्थिक केंद्र है। इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन सिटी में शामिल किया गया है। इससे दोनों शहरों का साझा विकास होगा।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश का विकास मॉडल विरासत और विकास को साथ लेकर चल रहा है। ओंकारेश्वर, महेश्वर और उज्जैन के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। विरासत के बिना हमारा गौरव शून्य है। विकास की गति हम मध्य प्रदेश में रुकने नहीं देंगे। मालवा पर भी सरकार विशेष ध्यान देगी।
देशभर में मुगलकाल की निशानियां समाप्त कर हम अपने प्राचीन गौरवशाली इतिहास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। देश की समस्याओं को हल करने के लिए हमारी सरकार आगे रही है। कई समस्याएं वर्षों से लंबित थीं। हमारी सरकार ने बिना खून का एक कतरा बहाए धारा 370 को समाप्त किया। देश से नक्सलवाद को सरकार ने समाप्त किया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ेगा। यह सड़क विकास का नया पर्याय बनेगी। हमारा प्रदेश एक अलग पहचान बना रहा है। मध्य प्रदेश में नक्सलवादियों ने आतंक की सीमा लांघ दी थी। कांग्रेस के एक मंत्री तक की हत्या हो चुकी है, लेकिन कांग्रेस वोट बैंक के चक्कर में नक्सलवाद को खत्म नहीं करती थी। हमारी सरकार ने लाल सलाम को आखिरी सलाम किया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में आतंकवाद की नई फैक्ट्रियां खुलीं। कार्यक्रम में मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा कि यह सड़क मालवा के विकास की नई इबारत लिखेगी।
