वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और प्रधानमंत्री के आह्वान को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने शासकीय कार्यालयों में मितव्ययता अपनाने तथा आमजन को संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सभी विभागाध्यक्षों और कलेक्टरों को भेजे गए निर्देशों में सरकारी खर्चों में कमी, ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। निर्देशों के अनुसार विभागीय बैठकों, कार्यशालाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और सेमिनारों का आयोजन यथासंभव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अथवा हाइब्रिड मोड में किया जाएगा, ताकि अनावश्यक यात्राओं और व्यय को कम किया जा सके। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।


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राज्य के बाहर की यात्रा के लिए सीएस की स्वीकृति अनिवार्य

प्रदेश के बाहर होने वाली सरकारी यात्राओं पर भी नियंत्रण रखा जाएगा। अधीनस्थ अधिकारियों की बाह्य राज्य यात्राएं केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में स्वीकृत होंगी, जबकि सचिव स्तर के अधिकारियों की राज्य से बाहर की यात्राओं के लिए मुख्य सचिव की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी। सरकार ने कृषि, उद्यानिकी और संबद्ध विभागों को प्राकृतिक खेती को जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। वहीं खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार में तेजी लाने तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और एलपीजी कनेक्शनों में डुप्लीकेट एवं अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर कार्रवाई करने को कहा गया है।

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ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण को लेकर अभियान चलाने निर्देश  

निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों को पर्यावरण अनुकूल निर्माण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने और इसके प्रति आमजन में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी सरकारी विभागों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। जनसंपर्क विभाग को “मेरा भारत-मेरा योगदान” अभियान चलाकर नागरिकों को ऊर्जा बचत, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के लिए प्रेरित करने का दायित्व सौंपा गया है। पर्यटन विभाग को “देखो अपना देश” अभियान के तहत प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश और भारत में ही अवकाश बिताने के लिए प्रोत्साहित करने तथा इसके लिए “फ्रेंड्स ऑफ एमपी” सहित विभिन्न संगठनों का सहयोग लेने के निर्देश दिए गए हैं। खनिज साधन विभाग को लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ, कॉपर और कोयले जैसे महत्वपूर्ण खनिजों से संबंधित अनुमतियों और लीज स्वीकृतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र मंजूरी देने को कहा गया है, ताकि देश की आयात पर निर्भरता कम हो सके और आत्मनिर्भरता को मजबूती मिले।



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