ग्वालियर में उमस भरी गर्मी के बीच अगले तीन दिनों तक तेज हवा और बारिश की संभावना है। मानसून 25 जून से पहले पहुंच सकता है, जबकि मौसमी बीमारियों के मरीज …और पढ़ें

Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 08:29:47 AM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 08:29:47 AM (IST)

Gwalior Weather Update: तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट का जारी, 25 जून से पहले पहुंच सकता है मानसून
आज ग्वालियर को गर्मी से मिल सकती है राहत। (फोटो- एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. ग्वालियर में उमस बढ़ी, शाम की हवाओं से राहत।
  2. अगले तीन दिन बारिश और तेज हवाओं के आसार।
  3. गुरुवार को 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक चल सकती हवा।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में रात में बूंदाबांदी हुई और सुबह से ही तेज धूप की वजह से उमस भरी गर्मी बढ़ गई। हालांकि शाम को तेज हवाएं चलना शुरू हुईं, जिससे गर्मी से कुछ राहत रही। मंगलवार की तुलना में बुधवार को दिन व रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिन का तापमान 39.8 डिसे पर और रात का तापमान 26.5 डिसे पर रहा।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आगामी तीन दिन तक वर्षा व तेज हवा चल सकती हैं। हालांकि गुरुवार को हवा की गति 50 से 60 किमी प्रतिघंटा रह सकती है। साथ ही गरज-चमक के साथ कहीं पर तेज तो कहीं पर हल्की वर्षा हो सकती है। हालांकि मंगलवार रात को जिले के घाटीगांव क्षेत्र में 15.3 मिमी वर्षा हुई। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में वर्षा रिकार्ड नहीं हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ का असर आ रहा है और तीन चक्रवातीय सिस्टम बने हुए हैं। प्रदेश के ऊपर से ट्रफ भी गुजर रही है। ऐसे में ग्वालियर चंबल में तेज हवा के साथ वर्षा की संभावना बनी हुई हैं। हालांकि इस दौरान तापमान 40 डिसे के आसपास ही रहेगा, लेकिन वातावरण में नमी होने से दिन में उमस की स्थिति बनी रहेगी।

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मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, मानसून तेज गति से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में मध्यप्रदेश में जल्द ही प्रवेश करेगा। साथ ही अंचल में इसके 25 जून से पहले आने की संभावना है।

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धान की रोपाई की तैयारी तेज

प्री-मानसून की गतिविधियों को देख किसानों ने धान की रोपाई की तैयारी शुरू कर दी है। धान की रोपाई से पहले नर्सरी तैयार की जाती है, जिसकी किसानों ने तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही खेतों को भी तैयार करना शुरू कर दिया है। जैसे ही मानसून की वर्षा शुरू होगी, वैसे ही किसान धान की रोपाई शुरू कर देंगे। इसके साथ ही ज्वार, बाजरा सहित अन्य दलहनी फसलों की बुवाई के लिए किसान खेत तैयार कर रहे हैं।

ओपीडी में बढ़ रही है मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या

वर्तमान में वातावरण में नमी है। इस मौसम में वायरस व बैक्टीरिया अधिक पनपते हैं। यही वजह है कि लोग वायरल बुखार से लेकर जुकाम व खांसी से पीड़ित हो रहे हैं और अस्पतालों की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इन बीमारियों के अलावा त्वचा रोग से पीड़ित मरीज भी अब अधिक आने लगे हैं।



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