राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठनों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। अब इस मुद्दे पर संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी सख्ती शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर 16 जून को प्रदेशभर में जिला स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था। हालांकि कई जिलों में कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाने पर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) मध्यप्रदेश ने संबंधित जिलाध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

तीन दिन में मांगा जवाब

एनएसयूआई प्रदेश कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि कार्यक्रम की सूचना सोशल मीडिया, मैसेज ग्रुप और संगठनात्मक माध्यमों से पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद संबंधित जिलाध्यक्षों ने कार्यक्रम आयोजित नहीं किया, जो संगठन के प्रति लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है। नोटिस में तीन दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब नहीं मिलने या संतोषजनक उत्तर नहीं होने पर संगठनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

इन जिलों के अध्यक्षों को भेजा गया नोटिस

एनएसयूआई ने मुरैना, दतिया, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सीधी, कटनी, नरसिंहपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बैतूल, देवास, उज्जैन, शाजापुर, नीमच, इंदौर, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर समेत 22 जिलों के जिलाध्यक्षों को नोटिस जारी किया है।

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मीनाक्षी नटराजन के मुद्दे पर कांग्रेस का आंदोलन जारी

राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज करा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए प्रदेशभर में प्रदर्शन और आंदोलन कर रही है। अब संगठन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आंदोलन को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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संगठन ने दिया अनुशासन का संदेश

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नोटिस के जरिए कांग्रेस और एनएसयूआई ने अपने पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी लाइन और संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। आगामी दिनों में संबंधित पदाधिकारियों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की



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