नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। परीक्षा फर्जीवाड़े के कारण एक बार फिर बदनाम हुआ है। इस बार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में आरक्षक भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। ग्वालियर के बिजौली स्थित परीक्षा केंद्र पर मूल परीक्षार्थी ने अपनी जगह सॉल्वर को बैठाया और शारीरिक परीक्षा में भी सॉल्वर ही सम्मिलित हुआ।
चयन होने के बाद मूल परीक्षार्थी जॉइनिंग लेने बेंगलुरु में बीएसएफ के एसटीसी पहुंचा। यहां बायोमेट्रिक जांच में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इसके बाद बीएसएफ द्वारा बेंगलुरु में जीरो पर एफआईआर दर्ज कराई गई। मूल एफआईआर के लिए केस डायरी ग्वालियर भेजी, इसके बाद ग्वालियर के बिजौली थाने में रात को एफआईआर दर्ज हुई। आरोपित अभ्यर्थी ने स्वीकार किया है कि उसने 50 हजार रुपये देकर अपनी जगह किसी अन्य (सॉल्वर) से लिखित परीक्षा दिलाई थी। शारीरिक परीक्षा में भी वही सॉल्वर सम्मिलित हुआ।
₹50 हजार में सॉल्वर बैठाया, बायोमेट्रिक में पकड़ा गया
इस मामले में जबलपुर के रांझी स्थित मनमोहन नगर का रहने वाला शिव सिंह पुत्र रणवीर सिंह मूल परीक्षार्थी है। उसने 50 हजार रुपये में सॉल्वर बैठाया था। पुलिस ने अभी शिव सिंह को ही आरोपित बनाया है। यहां बता दें कि भर्ती प्रक्रिया 19 फरवरी से नौ मार्च के बीच हुई थी। चयनित होने के बाद नियुक्ति पत्र मिला और नौ मार्च को शिव सिंह बेसिक ट्रेनिंग कोर्स के लिए बेंगलुरु में बीएसएफ के एसटीसी पहुंचा।
यहां 21 मार्च को दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ। इसमें फोटो, अंगुली के नमूने मिसमैच होने पर उसे पकड़ लिया गया। उससे बीएसएफ के अधिकारियों द्वारा पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 50 हजार रुपये में लिखित व शारीरिक परीक्षा उत्तीर्ण कराई थी। फिर बीएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल एसटीसी कार्यालय द्वारा जीरो पर एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके बाद इस मामले में बिजौली थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात एफआईआर दर्ज की है।
दस्तावेज सत्यापन में 100 प्रतिशत मिसमैच हुए फिंगरप्रिंट
दस्तावेज सत्यापन में 100 प्रतिशत मिसमैच हुए फिंगरप्रिंट, फोटो भी दूसरा निकला: ट्रेनिंग की शुरुआत से पहले जब अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान किया जा रहा था, तब अंगुली के नमूने मिसमैच हुए। फिर फोटो भी दूसरा निकला। लिखित परीक्षा में जो फोटो था, वह दूसरा निकला। इसके बाद संदेह होने पर उससे पूछताछ की तो उसने सबकुछ बता दिया। फिर केस दर्ज किया गया।
आधार में फोटो, फिंगरप्रिंट बदलवाकर फर्जीवाड़ा
आधार में फोटो, फिंगरप्रिंट बदलवाकर फर्जीवाड़ा: मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा की तरह एसएससी द्वारा आयोजित आरक्षक भर्ती परीक्षा में भी फर्जीवाड़ा हुआ है। आधार कार्ड में परीक्षा से ठीक पहले फोटो व फिंगरप्रिंट बदलवाए गए। चयन होने के बाद दोबारा फिंगरप्रिंट और फोटो अपडेट कराया। ट्रेनिंग सेंटर पर दोनों अलग निकले। इसके बाद वह पकड़ा गया।
ग्वालियर पुलिस के लिए चुनौती
ग्वालियर पुलिस के लिए चुनौती, आरोपित पकड़ना होगा: इस मामले में जीरो पर केस बेंगलुरु में कायम हुआ। वहां आरोपित की गिरफ्तारी नहीं की गई। केस डायरी अब यहां आ गई। अब ग्वालियर पुलिस उसकी गिरफ्तारी करेगी। सॉल्वर पकड़े जाने पर खुलेगा सॉल्वर गैंग का राज: सॉल्वर कहां का है, कैसे परीक्षार्थी से मुलाकात हुई। उसकी गैंग कहां की है। यह सबकुछ आरोपित के पकड़े जाने पर सामने आएगा।
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एसएससी परीक्षा फर्जीवाड़े में बेंगलुरु में जीरो पर केस कायम हुआ था। यहां केस डायरी आने पर मूल कायमी हुई है। अब आरोपित पकड़ा जाएगा, इसके बाद सॉल्वर व उसकी गैंग के बारे में पता लग सकेगा। आरोपित की तलाश कर रहे हैं। – सौरभ श्रीवास्तव, थाना प्रभारी, बिजौली
