धार जिले के बदनावर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की। मामला धार जिले की बदनावर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम खेरवास का है। यहां के निवासी 50 वर्षीय सुरेश सिंह पवार पिता नाथूलाल पवार पेशे से किसान हैं और खेती-बाड़ी का काम करते हैं। उनके पास ग्राम खेरवास में 12 बीघा कृषि भूमि मौजूद है। पीड़ित किसान की इस कृषि भूमि के पास ही शासकीय भूमि स्थित है, जिससे एक सड़क लगी हुई है। इसी शासकीय भूमि से सटी सड़क की नपती करने और जमीन का सीमांकन करने के बदले में संबंधित क्षेत्र की महिला पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

लोकायुक्त पुलिस ने महिला पटवारी को रंगे हाथों दबोचा

इस मामले में आरोपी कला भट्ट पिता देवीलाल भट्ट (उम्र 56 वर्ष) को लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कला भट्ट तहसील बदनावर, जिला धार में पदस्थ हैं। उनके पास ग्राम खेरवास के पटवारी हल्का नंबर 9 का भी अतिरिक्त प्रभार था। वह वर्तमान में विश्वकर्मा कॉलोनी बदनावर में रह रही हैं और मूल रूप से कल्याण संपत विहार कॉलोनी गांधीनगर इंदौर की निवासी हैं। कला भट्ट द्वारा पीड़ित किसान सुरेश सिंह पवार से इस काम के एवज में कुल 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल

परेशान होकर आवेदक सुरेश सिंह पवार ने इस बात की लिखित शिकायत इंदौर लोकायुक्त कार्यालय के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम द्वारा मामले का पूरी बारीकी से सत्यापन कराया गया। जब सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की शिकायत पूरी तरह सही और सत्य पाई गई, तब वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के मुताबिक जैसे ही महिला पटवारी कला भट्ट ने आवेदक से रिश्वत की राशि के रूप में 10 हजार रुपये लिए, वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई

लोकायुक्त की इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाले ट्रैप दल में मुख्य रूप से कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक शैलेंद्र सिंह परिहार, मनीष माथुर, श्रीकृष्णा अहिरवार, कमलेश तिवारी के साथ-साथ महिला आरक्षक जान्हवी सेंगर और महिला आरक्षक आकांक्षा वर्मा शामिल रहीं। लोकायुक्त की टीम ने आरोपी महिला पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

लोकायुक्त ने जारी किए शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर

लोकायुक्त संगठन द्वारा लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है ताकि सरकारी तंत्र को साफ-सुथरा बनाया जा सके। इसी कड़ी में इंदौर लोकायुक्त इकाई द्वारा आम जनता से यह विशेष अपील भी की गई है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी भी जायज काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो सजग नागरिक के रूप में तुरंत लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में आकर या उनके आधिकारिक दूरभाष नंबरों 0731-2533160, 0731-2430100 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *