ग्वालियर के मुरार अस्पताल परिसर में एक कलयुगी मां अपनी तीन दिन की नवजात बच्ची को मंदिर के पास लावारिस छोड़ गई। चिलचिलाती धूप में भूख से बिलखती बच्ची क …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सोमवार दोपहर मुरार जिला अस्पताल के जच्चा खाना परिसर में गूंजी एक मासूम की किलकारियां मानो समाज से यही तीखा सवाल पूछ रही थीं। औलाद की मन्नत के लिए लोग जहां मंदिरों के चक्कर काटते हैं, वहीं कोई अपनी तीन से चार दिन की कलेजे के टुकड़े को भगवान के ही दर (मंदिर) पर लावारिस तड़पता हुआ छोड़ गया।
चिलचिलाती धूप और उमस के बीच रोने की आई आवाज
घटना सोमवार दोपहर करीब एक बजे की है। चिलचिलाती धूप और उमस के बीच जच्चा खाना परिसर में बने मंदिर के पास से अचानक किसी नवजात के रोने की आवाज आई।
अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं के परिजन जब आवाज की तरफ भागे, तो वहां का नजारा देखकर उनकी रूह कांप गई। एक चादर में लिपटी, महज तीन से चार दिन की मासूम बच्ची जमीन पर पड़ी भूख से बिलख रही थी। उस नन्हीं सी जान को इस हाल में देखकर वहां मौजूद हर आंख नम हो गई।
अस्पताल स्टाफ ने निभाई मां की जिम्मेदारी
सूचना मिलते ही डॉक्टरों और नर्सों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। अस्पताल स्टाफ ने उस लावारिस बच्ची को बड़ी ही सहूलियत और ममता के साथ अपने सीने से लगा लिया। मानो उस पल के लिए पूरा अस्पताल स्टाफ ही उस बच्ची की मां बन गया हो। स्टाफ ने तुरंत बच्ची को उठाकर उसकी प्रारंभिक जांच की।
एसएनसीयू में सुरक्षित है नन्हीं परी
अस्पताल प्रबंधन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को तुरंत एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज और देखभाल की जा रही है। राहत की बात यह है कि बच्ची शारीरिक रूप से पूरी तरह सामान्य और स्वस्थ है। फिलहाल अस्पताल की नर्सें और ड्यूटी डॉक्टर ही उसकी मां और परिवार बनकर उसकी सेवा कर रहे हैं।
सीसीटीवी में पुलिस खंगाल रही फुटेज
घटना की सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। आखिर उस मासूम को वहां कौन छोड़ गया, इस सच को सामने लाने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है। अस्पताल परिसर और जच्चा खाने के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बच्ची को छोड़ने वाले की पहचान हो सके।
इनका कहना है
“हां नवजात बच्ची को कोई छोड़कर चला गया है। इसकी सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस परिजनों की तलाश कर रही है।” – डॉ. राजेश कुमार शर्मा, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
