गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च करना एक रिटायर्ड अकाउंटेंट को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते से करीब डेढ़ लाख रुपये …और पढ़ें

HighLights
- रैपिडो का हेल्पलाइन नंबर गूगल पर खोजना पड़ा भारी, रिटायर्ड अकाउंटेंट बने शिकार
- एसबीआई कर्मचारी बनकर ठग ने डराया और तीन बार में उड़ाए ₹1.45 लाख
- सिरोल थाना पुलिस और साइबर सेल ने केस दर्ज कर ठगों के खातों की पड़ताल की शुरू
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च करना एक रिटायर्ड अकाउंटेंट को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर उनके बैंक खाते से करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। हालांकि समय रहते बैंक को संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिल गई और खाते को ब्लॉक कर दिया गया। मामला सिरोल थाना क्षेत्र का है।
श्रीजी एन्क्लेव निवासी 63 वर्षीय विजय कुमार द्विवेदी शासकीय शिक्षा महाविद्यालय, तानसेन रोड से सेवानिवृत्त अकाउंटेंट हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने रैपिडो सेवा से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा था। शिकायत के बाद उनके पास एक कॉल आया और कॉल करने वाले ने किसी प्रक्रिया के तहत पांच रुपये का भुगतान करने को कहा। आशंका है कि इसी दौरान उनके मोबाइल में कोई संदिग्ध फाइल या ऐप डाउनलोड हो गया, जिसके जरिए ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना ली।
बैंक कर्मचारी बनकर किया कॉल
नौ जून की शाम उनके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई बैंक का कर्मचारी बताया और कहा कि उनके खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। जब विजय कुमार ने इससे मना किया तो उन्हें बताया गया कि उनका यूपीआई, एटीएम कार्ड और बैंक खाता ब्लॉक कर दिया गया है और बैंक से संपर्क करना होगा।
पासबुक अपडेट कराई तो उड़े होश
अगले दिन जब वह एसबीआई की सिटी सेंटर शाखा पहुंचे और पासबुक अपडेट कराई तो पता चला कि उनके खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 93 हजार रुपये, 11 हजार रुपये और 39 हजार 919 रुपये निकाले जा चुके हैं। कुल मिलाकर एक लाख 45 हजार 919 रुपये की ठगी की गई।
पुलिस और साइबर सेल की जांच शुरू
घटना का पता चलते ही विजय कुमार ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सिरोल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की साइबर सेल की मदद से कॉल करने वाले नंबर और उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। थाना प्रभारी गोविंद बंगोली ने बताया कि रिटायर्ड अकाउंटेंट के खाते से साइबर ठगी की वारदात हुई है। प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है और आरोपितों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- इंदौर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई… धार में 10 हजार की रिश्वत लेते महिला पटवारी लोकायुक्त के हत्थे चढ़ी
