मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन कर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की पुलिस विभाग में सीधी भर्ती की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस निर्णय से राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में सम्मानजनक रोजगार के साथ खेल गतिविधियों को जारी रखने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि संशोधित नियमों के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों की भर्ती प्रक्रिया अब नियमित रूप से हर वर्ष आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही पात्रता के दायरे का विस्तार किया गया है और चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया गया है, ताकि योग्य खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
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डॉ. यादव ने कहा कि लंबे समय से खिलाड़ियों द्वारा खेल उपलब्धियों के आधार पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की जा रही थी। सरकार के इस निर्णय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही वे नौकरी के साथ अपने खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगी तैयारियों को भी जारी रख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल प्रदेश में खेल संस्कृति को नई दिशा देगी और युवाओं को खेलों के प्रति अधिक प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का मानना है कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को रोजगार से जोड़ने की यह व्यवस्था न केवल खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाएगी, बल्कि मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
हमारी सरकार ने मध्यप्रदेश पुलिस (उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्ति) नियम, 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन कर उत्कृष्ट खिलाड़ियों की पुलिस में सीधी भर्ती की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त किया है। अब प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने ही प्रदेश में सम्मानजनक रोजगार के साथ खेल…
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) June 16, 2026
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मापदंडों में मिलेगी छूट
बता दें, नए संशोधन के तहत पुलिस मुख्यालय हर साल आरक्षक और उप निरीक्षक पदों की रिक्तियों का विज्ञापन देंगे। पदक विजेताओं के साथ अब ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमण्डल खेलों में सहभागिता करने वाले खिलाड़ी भी सीधी भर्ती के लिए पात्र होंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और शारीरिक मापदंड (ऊंचाई) में पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षण (PET) से भी छूट रहेगी। उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नियुक्तियां किसी आरक्षित वर्ग के अंतर्गत न होकर अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में शामिल की जाएंगी। केवल वे खेल विधाएं मान्य होंगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रही हों। मेरिट अंक समान होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण ओलंपिक, एशियाई खेल, विश्व कप आदि की प्राथमिकता तथा खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा।
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कौन बन सकेगा उप निरीक्षक
उप निरीक्षक पद पर केवल उन उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति प्रदान की जाएगी, जिन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमण्डल खेल, विश्व कप-विश्व चैम्पियनशिप में सहभागिता की हो। इन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत अथवा कांस्य पदक विजेता और सहभागिता करने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे।
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कौन बन सकेगा आरक्षक
उप निरीक्षक पद के लिए पात्र सभी खिलाड़ी, जो खिलाड़ी उप निरीक्षक पद हेतु निर्धारित पात्रता पूरी करते हैं, वे आरक्षक पद के लिए भी स्वतः पात्र माने जाएंगे। राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ी। अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक अर्जित करने वाले खिलाड़ी आरक्षक पद के पात्र होंगे।
