वन विभाग के रिकार्ड अनुसार 2008 में घायल अवस्था में सोन चिरैया को देखा गया था। इसके बाद 2011 में सोन चिरैया को देखा गया। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 14 Jun 2026 09:08:47 AM (IST)Updated Date: Sun, 14 Jun 2026 09:26:25 AM (IST)

ग्वालियर में फिर लौटेगी सोन चिरैया: घाटीगांव में 3 हजार हेक्टेयर में बनेगा नया ग्रासलैंड और रिसर्च सेंटर
सोशल मीडिया

HighLights

  1. प्रस्ताव को राज्य शासन से मिली स्वीकृति
  2. वर्षा के बाद शुरू होगा काम
  3. भोजन की व्यवस्था रहेगी, प्रजनन भी कर सकेगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। प्राकृतिक आवासों से विलुप्त दुर्लभ पक्षी सोन चिरैया को ग्वालियर के घाटीगांव में फिर बसाने की तैयारी है। वन विभाग तीन हजार हेक्टेयर में सोन चिरैया का प्राकृतिक वास तैयार करेगा। इसका उद्देश्य घास के मैदानों में रहने वाली सोन चिरैया को बचाना है। तत्कालीन डीएफओ अंकित पांडेय के समय में भेजा गए इस प्रस्ताव को शासन से स्वीकृति मिल गई है।

ग्वालियर के सोन चिरैया अभयारण्य, घाटीगांव को 1981 में जब अधिसूचित किया गया था। इसका क्षेत्रफल 512 वर्ग किलोमीटर था लेकिन अब डी-नोटिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद घाटीगांव के अलावा शिवपुरी के करैरा क्षेत्र के 35 गांव अभयारण्य से बाहर कर दिए गए हैं क्योंकि अभयारण्य के चलते स्थानीय विकास कार्य रुक रहे थे।

वन विभाग के रिकार्ड अनुसार 2008 में घायल अवस्था में सोन चिरैया को देखा गया था। इसके बाद 2011 में सोन चिरैया को देखा गया। डीएफओ, ग्वालियर मुकेश पटेल ने बताया कि प्रस्ताव स्वीकृत हो गया है। काम की शुरुआत वर्षा के बाद होगी। घाटीगांव और तिघरा क्षेत्र के चयनित हिस्सों को मिलाकर ग्रासलैंड बनाया जाएगा। यहां सोनचिरैया के भोजन की व्यवस्था रहेगी। प्रजनन भी कर सकेगी। रिसर्च सेंटर भी तैयार किया जाएगा।

जैसलमेर में प्रोजेक्ट बनाकर बढ़ाई आबादी, वहीं से लाए जाएंगे अंडे

राजस्थान में राज्य पक्षी का दर्जा प्राप्त सोन चिरैया को ग्रेट इंडियन बस्टर्ड भा कहा जाता है। जैसलमेर में प्रोजेक्ट के तहत अंडों की कृत्रिम हैचिंग कराकर इनकी आबादी बढ़ाई गई है। वहीं से अंडे लाकर ग्वालियर के विशेष हैचिंग सेंटर में कृत्रिम रूप से विकसित किए जाएंगे। चूजों को सुरक्षित वातावरण में बड़ा कर ग्रासलैंड में छोड़ा जाएगा। बता दें कि भारत का भारी पक्षियों में शामिल सोनचिरैया राजस्थान और गुजरात में ज्यादा बचे हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *