श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकाल की शाही सवारी में इस बार हाथी श्यामू शामिल नहीं हो सकेगा। पशु चिकित्सकों ने उसे डीजेनेरेटिव ज्वाइंट डिजीज से पीड़ित बताया है। ज्वाइंट कोलैप्स होने के कारण उसके पैर मुड़ गए हैं और वह लंबे समय तक चलने-फिरने की स्थिति में नहीं है।
इधर, श्यामू के महावत शरमन गिरी ने वन विभाग पर अन्याय का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके घर पर एक नोटिस चस्पा किया गया है, जिसमें हाथी के बीमार होने का हवाला देते हुए उसे एक माह तक घर से बाहर न ले जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शर्तों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। महावत शरमन गिरी का कहना है कि यदि श्यामू को एक महीने तक बाहर घुमाने-फिराने नहीं ले जाया गया, तो उसकी मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाथी की देखरेख की जिम्मेदारी केवल उन पर डाल दी गई है, जबकि वन विभाग और संबंधित अधिकारियों की भी जिम्मेदारी बनती है।
10 महीने से उपचाराधीन है श्यामू
सीनियर वेटेनरी सर्जन एवं वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट डॉ. मुकेश जैन ने बताया कि श्यामू हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी गंभीर बीमारी से ग्रसित है तथा पिछले 10 महीनों से चिकित्सकीय निगरानी में है। ज्वाइंट कोलैप्स होने के बाद उसकी स्थिति गंभीर हो गई है। उन्होंने कहा कि श्यामू देखने में सामान्य और स्वस्थ प्रतीत होता है, लेकिन उस पर वजन लादना और लंबी दूरी तक पैदल चलाना जोखिम भरा हो सकता है। वह 2 से 3 किलोमीटर से अधिक नहीं चल सकता। इसी कारण इस बार महाकाल की सवारी में उसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इसकी रिपोर्ट वाइल्ड लाइफ हाई पावर कमेटी को भेज दी गई है।
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सैंपल लेने पहुंची टीम का हुआ था विरोध
दो दिन पहले पन्ना टाइगर रिजर्व, वन मंडल इंदौर और पशु चिकित्सा विभाग की संयुक्त टीम इंदौर रोड स्थित साईंनाथ कॉलोनी पहुंची थी, जहां श्यामू को रखा गया है। टीम द्वारा ब्लड सैंपल लेने की कोशिश का हाथी मालिक और उसके परिवार ने विरोध किया था। परिवार का दावा है कि श्यामू पूरी तरह स्वस्थ है और उसे यहां से हटाने के उद्देश्य से बीमार बताया जा रहा है।
डॉक्टर की टिप्पणी
डॉ. मुकेश जैन ने कहा कि वन्य प्राणियों को आजीविका का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि महावत अपने परिवार के हितों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि वन्य जीव के स्वास्थ्य और हितों की अनदेखी की जा रही है।
9 वर्षों से बन रहा था महाकाल सवारी का हिस्सा
गौरतलब है कि उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास के दौरान निकलने वाली शाही सवारी में भगवान महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप तथा हाथी पर मनमहेश स्वरूप में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। पिछले 9 वर्षों से श्यामू इस परंपरा का हिस्सा रहा है, लेकिन इस बार उसकी बिगड़ी सेहत ने उसकी भागीदारी पर विराम लगा दिया है।
