मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) की मुख्य परीक्षा और द्वितीय अवसर परीक्षा में असफल रहे विद्यार्थियों को निराश होने की जरूरत नहीं है। राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की ‘रुक जाना नहीं’ योजना के तहत ऐसे छात्रों को एक और मौका दिया जा रहा है। इसके लिए जून 2026 के अंतिम सप्ताह से दोबारा परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। योजना का लाभ केवल उन विद्यार्थियों को मिलेगा जो वर्ष 2026 में एमपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा या द्वितीय अवसर परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे हैं अथवा किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे।

20 जून तक कर सकेंगे पंजीयन

पात्र विद्यार्थी 20 जून 2026 तक एमपी ऑनलाइन कियोस्क या स्वयं ऑनलाइन माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा कर पंजीयन करा सकते हैं। परीक्षा के प्रवेश पत्र mpsos.mponline.gov.in और mpsos.nic.in से डाउनलोड किए जा सकेंगे।

केवल फेल विषयों की देनी होगी परीक्षा

विद्यार्थियों को केवल उन्हीं विषयों की परीक्षा देनी होगी, जिनमें वे अनुत्तीर्ण हुए हैं। प्रश्नपत्र एमपी बोर्ड के निर्धारित पाठ्यक्रम और ब्लूप्रिंट के अनुसार ही तैयार किए जाएंगे। परीक्षा परिणाम और अंकसूची मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी की जाएगी, जिसमें पहले से उत्तीर्ण विषयों के अंक भी शामिल रहेंगे।

यह भी पढ़ें-मासूम को लगा दिया फॉर्मेलिन इंजेक्शन, मौत के बाद दो नर्सों पर FIR की गई दर्ज

जून में पास नहीं हुए तो दिसंबर में मिलेगा मौका

यदि कोई विद्यार्थी जून 2026 की परीक्षा में भी उत्तीर्ण नहीं हो पाता है, तो उसे दिसंबर 2026 में आयोजित होने वाली परीक्षा में शामिल होने का एक और अवसर मिलेगा। इसके लिए पुनः पंजीयन कराना होगा।

11वीं में प्रवेश के लिए अहम है पहला चरण

राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जून 2026 की प्रथम चरण परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को ही कक्षा 11वीं में नियमित प्रवेश की पात्रता मिलेगी। जबकि दिसंबर में आयोजित द्वितीय चरण परीक्षा में पास होने वाले विद्यार्थियों को नियमित स्कूल में 11वीं में प्रवेश नहीं मिलेगा। हालांकि वे आगे चलकर ओपन स्कूल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

यह भी पढ़ें-भोपाल में केंद्रीय मंत्री के दौरे से पहले पुलिस एक्शन, यूथ कांग्रेस-NSUI के कई नेता हिरासत में

छात्रों का हौसला बढ़ाने की पहल

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि हार मान लेना अंत नहीं होता, एक और कोशिश से ही सफलता की शुरुआत होती है। इसी सोच के साथ ‘रुक जाना नहीं’ योजना छात्रों को असफलता से उबरने और पढ़ाई जारी रखने का अवसर दे रही है।

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *