मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया में “फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड” के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है और देश तेजी से ग्लोबल फार्मा हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य को हासिल करने में मध्यप्रदेश की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीथमपुर में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री यादव ने रिमोट के माध्यम से यूनिट का सांकेतिक भूमि-पूजन करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश आज औद्योगिक विकास और निवेश के नए युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेशकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के कारण देश और दुनिया की बड़ी कंपनियां मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हेलियन द्वारा भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए पीथमपुर का चयन करना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। 

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30 प्रतिशत महिलाओं को मिलेगा रोजगार 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन शुरू होने तक हर स्तर पर पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। हेलियन की इस परियोजना में प्रारंभिक रूप से 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 1000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कंपनी द्वारा 30 प्रतिशत तक महिलाओं को रोजगार देने के लक्ष्य की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। 

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300 से अधिक फार्मा कंपनियां सक्रिय 

डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 300 से अधिक फार्मा कंपनियां और 30 से अधिक एपीआई एवं बल्क ड्रग निर्माता सक्रिय हैं। इनके उत्पाद अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देशों में निर्यात किए जा रहे हैं। राज्य में 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स भी कार्यरत हैं और प्रदेश के कुल निर्यात में फार्मा क्षेत्र का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है। इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन जैसे औद्योगिक क्षेत्र फार्मा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं। 

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निवेश को दो लाख करोड़ पहुंचेगा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम में आयोजित “इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो” के दौरान जो निवेश संभावनाओं का बीज बोया गया था, वह आज पीथमपुर में वास्तविक रूप ले रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि हेलियन का निवेश भविष्य में 2 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। कार्यक्रम में हेलियन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ब्रायन मैकनामारा ने कहा कि भारत कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और मध्यप्रदेश भारत का तेजी से उभरता हुआ औद्योगिक राज्य है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने फिलहाल 175 मिलियन पाउंड का निवेश किया है और भविष्य में पीथमपुर स्थित यूनिट का विस्तार भी किया जाएगा। 

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एशिया में कंपनी की सबसे बड़ी उत्पादन इकाई होगी 

हेलियन इंडिया के अध्यक्ष केदार लेले ने बताया कि करीब 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह यूनिट दक्षिण एशिया में कंपनी की सबसे बड़ी उत्पादन इकाई होगी। यहां मुख्य रूप से ओरल हेल्थ उत्पादों का निर्माण किया जाएगा, जिनकी आपूर्ति भारत के साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीकी देशों में भी की जाएगी। परियोजना से स्थानीय एमएसएमई, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों को भी व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।



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