शिवपुरी नगर पालिका में शुक्रवार रात सियासी ड्रामे का अनोखा नजारा देखने को मिला। सीएमओ इशांक धाकड़ का तबादला आदेश आते ही नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा रात में आनन-फानन में नगर पालिका कार्यालय पहुंच गईं। स्टाफ को बुलाकर दफ्तर के ताले खुलवाए और देर रात ही सीएमओ को रिलीव करने का आदेश जारी कर दिया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म हो गया।
दरअसल, शुक्रवार शाम करीब 7 बजे नगरीय प्रशासन विभाग ने सीएमओ इशांक धाकड़ का तबादला आदेश जारी किया। आदेश की कॉपी व्हाट्सएप पर वायरल होते ही अध्यक्ष गायत्री शर्मा सक्रिय हो गईं। उन्होंने तुरंत कार्यालय अधीक्षक और स्थापना लिपिक को फोन कर दफ्तर पहुंचने के निर्देश दिए। रात 10:45 बजे अध्यक्ष खुद नगर पालिका कार्यालय पहुंचीं। उनके साथ कुछ पार्षद भी मौजूद थे। ताला खुलवाकर स्थापना शाखा में रिलीविंग लेटर तैयार कराया गया। रात को ही सीएमओ इशांक धाकड़ को ई-मेल और व्हाट्सएप के जरिए रिलीविंग ऑर्डर भेज दिया गया।
जैसा बोओगे, वैसा काटोगे
जब मीडिया ने नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा से इतनी जल्दबाजी का कारण पूछा तो उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “जिस तरह सीएमओ साहब ने मुझे बिना सूचना दिए आधी रात को शिवपुरी नगर पालिका में जॉइन किया था, उसी तरह मैंने भी उन्हें रात में ही रिलीव करने की ठान ली थी। जैसा बोओगे, वैसा काटोगे।” अध्यक्ष का आरोप है कि इशांक धाकड़ ने कार्यभार ग्रहण करते समय प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में नहीं लिया।
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जगजाहिर था टकराव
गौरतलब है कि पिछले आठ महीनों से सीएमओ और अध्यक्ष के बीच टकराव जगजाहिर था। परिषद की बैठकों में एजेंडे को लेकर, टेंडर प्रक्रिया में दखल को लेकर और कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर दोनों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हो चुकी थी। बीते महीने परिषद ने सीएमओ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की चेतावनी भी दी थी। सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष ने भोपाल स्तर पर लगातार सीएमओ की शिकायत की थी। उसी का नतीजा है कि शुक्रवार को अचानक तबादला सूची जारी हुई।
कलेक्टर बोले- जांच कराएंगे
वहीं सीएमओ इशांक धाकड़ से संपर्क करने की कोशिश की गई, पर उनका फोन बंद मिला। नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों ने नाम न छापने के अनुरोध पर बताया कि साहब सुबह से ही कार्यालय नहीं आए थे। तबादले की भनक लगते ही वे भोपाल के लिए रवाना हो गए थे। सामान्यत: तबादले के बाद रिलीव होने के लिए सात दिन का समय दिया जाता है। इतनी रात को रिलीविंग होना शिवपुरी नगर पालिका के इतिहास में पहला मामला है। कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि “मामला संज्ञान में आया है। नियमानुसार रिलीविंग की प्रक्रिया की गई है या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी।”
