घर में शहनाई बजने वाली थी, रिश्तेदार जुट रहे थे, लेकिन जिसका सबसे ज्यादा इंतजार था वही कभी नहीं लौटेगा। ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच बुधवार को कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में उज्जैन के 50 वर्षीय मंजूर अहमद की मौत हो गई।

बताया जाता है कि मंजूर अहमद पिछले 30 साल से कुवैत में टेलरिंग का काम कर रहे थे। 8 जून को उनकी भांजी की शादी थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए वे भारत लौट रहे थे। परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार शाम पापा से आखिरी बार बात हुई। बहुत खुश थे। बोले- मैं नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा, मुझे लेने आ जाना। हम सब उनके स्वागत की तैयारी कर रहे थे। अनस ने यह भी बताया कि पापा 30 साल से हमसे दूर सिर्फ हमारे बेहतर भविष्य के लिए मेहनत कर रहे थे। आखिरी बार अक्टूबर 2025 में घर आए थे। तब कहा था- अब जल्दी-जल्दी आता रहूंगा। क्या पता था कि यह आखिरी विदाई होगी।

राज रॉयल कॉलोनी में मंजूर के घर शादी की तैयारियां चल रही थीं। रिश्तेदार पहुंच चुके थे। हमले की खबर मिलते ही खुशियां मातम में बदल गईं। पूरे इलाके में शोक की लहर है। याद रहे कि ईरान-अमेरिका युद्ध 28 फरवरी से चल रहा है। अब तक इस संघर्ष में 10 भारतीय जान गंवा चुके हैं। विदेश मंत्रालय हालात पर नजर रखे हुए है।

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सुई धागे से सी रहे थे किस्मत

मंजूर पिछले 30 साल से कुवैत में सुई-धागे से किस्मत सी रहे थे। अपनों से हजारों मील दूर, सिर्फ इसलिए कि बेटे-बेटियों को कोई कमी न रहे। अक्टूबर 2025 में आखिरी बार आए थे। जाते वक्त वादा किया था- अब जल्दी-जल्दी आऊंगा। पर वादे निभाने का मौका ही नहीं मिला।

टर्मिनल-1 को बनाया निशाना

ईरान ने बुधवार को कुवैत एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 को निशाना बनाया। हमले में टर्मिनल पूरी तरह तहस-नहस हो गया। यात्री सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा। इस हमले में उज्जैन की राज रॉयल कॉलोनी निवासी मंजूर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई। 63 अन्य लोग घायल हैं, जिनमें कर्मचारी और यात्री दोनों शामिल हैं।



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