मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मंजूरी मिल सकती है। इसमें नई तबादला नीति 2026 को मंजूरी मिल सकती है। इसमें जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का सामान्य परिस्थितियों में तबादला नहीं किया जाएगा। हालांकि विशेष परिस्थितियों में उनके आवेदन पर विचार किया जा सकेगा, लेकिन उन्हें जनगणना कार्य पूरा होने के बाद ही कार्यमुक्त किया जाएगा। नई नीति में स्वैच्छिक तबादलों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है। सरकार कुल कर्मचारियों में से लगभग 5 से 10 प्रतिशत तक तबादले कर सकती है। एक ही स्थान पर तीन वर्ष से अधिक समय से पदस्थ कर्मचारियों को तबादले के दायरे में लाया जा सकता है। जानकारी के अनुसार, तबादलों की प्रक्रिया 25 मई से शुरू हो सकती है।
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ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था
नई नीति के तहत सभी विभागों में तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लागू रहने की संभावना है। साथ ही कुछ विभागों को अलग ट्रांसफर पॉलिसी जारी करने की छूट भी मिल सकती है। इनमें स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य, ऊर्जा और राजस्व विभाग शामिल हैं। हालांकि, इन विभागों की नीति भी सामान्य प्रशासन विभाग के मूल दिशा-निर्देशों के दायरे में रहेगी।
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जिलों में प्रभारी मंत्री और कलेक्टर को अधिकार
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जिला स्तर पर तबादले प्रभारी मंत्री की अनुशंसा के बाद कलेक्टर द्वारा किए जाएंगे। वहीं, प्रथम श्रेणी अधिकारियों के ट्रांसफर के लिए मुख्यमंत्री की स्वीकृति आवश्यक होगी। इसके अलावा, पिछले एक वर्ष के भीतर स्थानांतरित कर्मचारियों को सामान्य परिस्थितियों में दोबारा ट्रांसफर से राहत देने का प्रावधान भी रखा जा सकता है।