इंदौर के सनावदिया रोड के नायता मुंडला में उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब वहां स्थित एक पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। गोदाम के भीतर भारी मात्रा में बारूद मौजूद होने के कारण आग ने बेहद आक्रामक रूप ले लिया। इस आगजनी की चपेट में आने से गोदाम के आसपास खड़े कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पटाखा गोदाम एक संचालित जिम के निचले हिस्से में बना हुआ था। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय जिम के अंदर कई युवा वर्कआउट कर रहे थे। आग की लपटें और धुआं देखकर जिम में मौजूद युवाओं में हड़कंप मच गया और उन्हें अपनी जान बचाने के लिए जिम की खिड़कियों और ऊंचाई से नीचे कूदना पड़ा।

प्रशासनिक कार्रवाई के डर से छुपाकर रखा था अवैध बारूद

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गोदाम संचालक ने प्रशासन की हालिया सख्ती और कार्रवाई से बचने के लिए पटाखों के इस बड़े स्टॉक को यहां छुपाकर रखा था। इस रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्र में पूरी तरह से अवैध तरीके से पटाखों का भंडारण किया गया था। गौरतलब है कि देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे के बाद से ही इंदौर प्रशासन लगातार मुस्तैद है और विभिन्न पटाखा फैक्ट्रियों तथा गोदामों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों पर सील करने की कार्रवाई कर रहे हैं। इसी डर की वजह से गोदाम मालिक ने गुपचुप तरीके से माल को इस बेसमेंट जैसी जगह पर डंप किया हुआ था।

दर्जन भर वाहन खाक और दुकानें कराईं खाली

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोदाम के बाहर खड़ी एक कार और तीन बाइकों समेत कुल एक दर्जन से अधिक वाहन जलकर कोयला हो गए। वाहनों की टंकियों में ब्लास्ट होने की वजह से आग तेजी से फैली, जिसके चलते एहतियात के तौर पर आसपास की सभी दुकानों को तुरंत खाली करवाना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस पूरे हादसे में फिलहाल किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। प्रशासन अभी भी आग लगने के असली कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।



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