कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने धार स्थित भोजशाला को मंदिर बताने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 17 May 2026 09:47:20 PM (IST)Updated Date: Sun, 17 May 2026 09:47:20 PM (IST)

'अब सुप्रीम कोर्ट तय करेगा भोजशाला का भविष्य...', हाई कोर्ट के निर्णय पर दिग्विजय सिंह ने उठाए सवाल, छिड़ी नई बहस
धार स्थित भोजशाला फैसले पर दिग्विजय सिंह ने दिया बड़ा बयान।

HighLights

  1. धार स्थित भोजशाला फैसले पर दिग्विजय सिंह ने दिया बड़ा बयान
  2. भोजशाला को मंदिर घोषित करने का हाई कोर्ट का फैसला अस्पष्ट
  3. दिग्विजय ने सनातन परंपरा का हवाला देकर साधा BJP पर निशाना

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मुस्लिम तुष्टीकरण से जुड़े अपने बयानों से पार्टी को मुश्किल में डालने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने धार स्थित भोजशाला को मंदिर बताने के मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रविवार को कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के नियमों के तहत उसके संरक्षण वाले स्मारकों या धार्मिक स्थलों- मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा या चर्च में पूजा का कानूनी प्रविधान नहीं है।

भोजशाला एएसआइ संरक्षित स्मारक है, ऐसी स्थिति में इसे मंदिर घोषित करके वहां पूजा-अर्चना का हाई कोर्ट का निर्णय अस्पष्ट है। अब एएसआइ संरक्षित स्मारक में पूजा या नमाज की अनुमति दी जा सकती है या नहीं, इसका निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा। दिग्विजय सिंह मीडिया से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार को भी हाई कोर्ट का निर्णय आने के बाद इंदौर में कहा था कि अंतिम निर्णय तो सुप्रीम कोर्ट को करना है।

भोज उत्सव समिति का पलटवार और पुराना प्रतिबंध

इसी दिन भोज उत्सव समिति के सदस्य अशोक कुमार जैन ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने ही भोजशाला में हिंदुओं द्वारा पूजा करने पर प्रतिबंध लगाए गए थे और मुसलमानों को नमाज पढ़ने का अधिकार दिया था। बता दें, यह वर्ष 1997 का निर्णय था।

भाईचारे का संदेश और राजनीतिक फायदे का आरोप

दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि देश की बुनियाद आपसी भाईचारे और इंसानियत पर टिकी है। सनातन परंपरा ने हमेशा सभी धर्मों का स्वागत किया है लेकिन आज राजनीतिक फायदे के लिए समाज को बांटने और नफरत का बाजार चलाने की जो कोशिशें हो रही हैं, कांग्रेस उन्हें कभी कामयाब नहीं होने देगी। राहुल गांधी की मुहब्बत की दुकान के जरिये एकजुटता का संदेश फैलाती रहेगी।

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दिग्विजय सिंह के पुराने विवादित बयान

बता दें, दिग्विजय सिंह पूर्व में ऐसे कई बयान दे चुके हैं, जिनको लेकर उन पर भाजपा ने मुस्लिम तुष्टीकरण के आरोप लगाए हैं। दिग्विजय सिंह ने बांग्लादेश में हिंदुओं से हिंसा को भारत से जोड़कर दिसंबर, 2025 में कहा था कि भारत में जिस तरह अल्पसंख्यक समुदाय (मुसलमानों) के खिलाफ कार्रवाई होती है, उसी की प्रतिक्रिया बांग्लादेश में देखने को मिल रही है। इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक को ‘शांतिदूत’ कहकर भी उन्होंने बखेड़ा खड़ा किया था।



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