इंदौर में तेज़ गर्मी अब असर दिखाने लगी है। तालाबों का पानी तेजी से सूख रहा है और उससे जुड़े इलाकों के बोरिंगों में भी पानी आना बंद हो गया है। इंदौर के सबसे बड़े बिलावली तालाब में भी अब पानी कम बचा है। इस कारण तालाब की मछलियांं मरने लगी हैं। तल में मटमैला पानी होने के कारण मछलियों को ऑक्सीजन के लिए ऊपर आना पड़ रहा है और फिर उनकी मौत हो रही है।

 

उधर तालाब के खाली हिस्से का नगर निगम ने गहरीकरण शुरू कर दिया है। वहाँ जेसीबी से खुदाई भी की जा रही है, ताकि बारिश के दौरान तालाब में पानी अच्छी तरह भर सके। तालाब की चैनलों को भी साफ किया गया है। बायपास और रालामंडल वाले हिस्से से बिलावली तालाब में पानी आता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में बायपास बनने और उसे छह लेन करने की कवायद में प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है। इस कारण हर साल तालाब में पानी गर्मी के दिनों में कम हो जाता है और मछलियाँ दम तोड़ने लगती हैं। शहर में पांच तालाब

 है, लेकिन गहराई सिर्फ एक ही तालाब की बढ़ाई जा रही है।  

 

तापमान बढ़ने पर पानी गर्म


शहर का तापमान लगातार 40 डिग्री से ऊपर है। इस कारण तालाबों का जलस्तर घटा है और पानी भी गर्म रहता है। इससे ऑक्सीजन घुलने की क्षमता कम हो जाती है। तेज धूप के कारण तालाब में काई बढ़ जाती है। काई रात में ऑक्सीजन सोखती है। इस कारण तालाब की मछलियों को सांस लेने में तकलीफ़ आने लगती है।



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