इंदौर शहर इन दिनों भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है। शहर की निचली बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक पानी की हाहाकार मची हुई है। स्थिति यह है कि कई इलाकों में लोग पूरी तरह से निजी और नगर निगम के टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं। पानी की किल्लत से आक्रोशित जनता कई स्थानों पर सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज करा चुकी है, लेकिन प्रशासन के आश्वासनों के बावजूद जमीनी स्तर पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
कांग्रेस ने कसी कमर, जल संकट पर आंदोलन की तैयारी
जनता की इस मूलभूत समस्या को देखते हुए अब विपक्षी दल कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। शहर में व्याप्त पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस ने एक विस्तृत रणनीति तैयार की है। पार्टी का लक्ष्य शासन और प्रशासन पर दबाव बनाना है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित की जा सके। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अच्छी सक्रियता देखी जा रही है। शहर में जनता से अपील के लिए वाहन चलाए जा रहे हैं, लगातार बैठकें हो रही हैं और लोगों के घरों में जाकर दस्तक दी जा रही है।
22 जोन पर एक साथ होगा हल्ला बोल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के अनुसार, पूरे इंदौर में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। उन्होंने बताया कि लोग टैंकरों से पानी भरने के लिए लंबी कतारों में लगने को मजबूर हैं। इस अव्यवस्था के खिलाफ आगामी 15 मई को कांग्रेस पार्टी नगर निगम के सभी 22 जोनों पर एक साथ विशाल प्रदर्शन करने जा रही है। इस आंदोलन में आम जनता को भी साथ जोड़ा जाएगा ताकि उनकी आवाज बुलंद की जा सके।
गांधी भवन में बैठकों का दौर
प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए इंदौर के गांधी भवन में पिछले तीन-चार दिनों से गहमागहमी का माहौल है। यहां रोजाना तीन से चार घंटे तक लंबी बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में आंदोलन की रूपरेखा तय की जा रही है और विभिन्न नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। चिंटू चौकसे ने स्पष्ट किया कि 15 तारीख की सुबह सभी जोनों पर एक साथ प्रदर्शन शुरू होगा। इसमें निर्वाचित पार्षदों, ब्लॉक अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को तैनात किया गया है।
मटका फोड़ प्रदर्शन के जरिए दर्ज होगा विरोध
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि जनता के हक के लिए है। उन्होंने कहा कि लोगों की सिर्फ एक ही मांग है कि उन्हें पर्याप्त पानी दिया जाए। विरोध स्वरूप प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से खाली मटके लेकर आएंगे। इन मटकों को नगर निगम के जोनल कार्यालयों पर फोड़कर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया जाएगा और पानी की मांग दोहराई जाएगी।
