इंदौर की जिला जेल परिसर के खुले हिस्से में बुधवार रात अचानक आग लग गई। आग जेल परिसर के उस हिस्से में लगी, जहां सूखी घास और झाड़ियाँ थीं। यह हिस्सा कैदियों के बैरक से दूर है, इस कारण कैदी या स्टाफ इससे प्रभावित नहीं हुआ, लेकिन जेल के बड़े हिस्से में धुआं भर गया।
आग की जानकारी मिलने के बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की दमकलें पहुंचीं और जेल के बाहरी हिस्से की दीवारों से ही पानी की बौछार मारकर आग पर काबू पाया, क्योंकि जेल के भीतर के खुले हिस्से तक दमकलें नहीं जा सकती थीं।
बारात में हो रही थी आतिशबाजी
जिला जेल के खुले हिस्से में आग लगने की वजह जेल के सामने के मुख्य मार्ग से निकली बारात के दौरान हुई आतिशबाजी बताई जा रही है। अफसरों का कहना है कि चिंगारी उड़कर जेल के खुले हिस्से में गिरी, जहां सूखी झाड़ियाँ और घास थी। घास ने आग पकड़ ली और वह फैल गई। यह संभवतः पहला मौका है जब जेल परिसर में आग लगने की घटना सामने आई है। मौके पर पहुंची दमकलों ने आधे घंटे में ही आग पर काबू पा लिया।
आग के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। अफसरों का कहना है कि आग खुले हिस्से में लगी थी। आपको बता दें कि इंदौर की जिला जेल में तीन हजार से ज्यादा कैदी रहते हैं। विचाराधीन और सजायाफ्ता कैदियों को अलग-अलग बैरक में रखा जाता है
