राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज की MBBS छात्रा की आत्महत्या के करीब तीन महीने बाद उसी छात्रावास के मालिक विजय राठौर ने भी आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद एक बार फिर पूरा मामला चर्चा में आ गया है। विजय राठौर की पत्नी ने कोहेफिजा पुलिस और मृतक छात्रा के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लगातार पूछताछ, मानसिक दबाव और धमकियों की वजह से विजय काफी परेशान रहने लगे थे। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि पुलिस ने अब तक टॉर्चर या प्रताड़ना के आरोपों की पुष्टि नहीं की है।

छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी MBBS छात्रा

कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला के मुताबिक, विजय राठौर के मकान में बने निजी छात्रावास में MBBS छात्रा रोशनी अन्य छात्राओं के साथ रहती थी। 9 और 10 फरवरी की दरमियानी रात रोशनी ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि छात्रा ने नशीला इंजेक्शन लगाकर जान दी थी। हालांकि घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने थाने का घेराव करते हुए मामले को संदिग्ध बताया था। परिजनों का कहना था कि अगर आत्महत्या करनी थी तो छात्रा कमरे में करती, बाथरूम में क्यों गई।

पत्नी का आरोप- पुलिस घंटों थाने में बैठाकर करती थी पूछताछ

विजय राठौर की पत्नी करूणा राठौर ने आरोप लगाया कि छात्रा की मौत के बाद से ही पुलिस उनके पति को बार-बार पूछताछ के लिए थाने बुलाती थी। कई-कई घंटे तक बैठाकर सवाल किए जाते थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। करूणा का कहना है कि छात्रा के परिजन भी उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी देते थे और लगातार टॉर्चर कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और परिजनों के दबाव की वजह से ही विजय ने यह कदम उठाया।

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चार महीने पहले किराये से रहने आई थी छात्रा

जानकारी के मुताबिक, रोशनी आत्महत्या से करीब चार महीने पहले ही विजय राठौर के छात्रावास में किराये से रहने आई थी। उसने अपने मोबाइल में एक सुसाइड नोट भी लिखा था। सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा था कि NEET पास करना अलग बात है, लेकिन MBBS की पढ़ाई बहुत कठिन है और वह पढ़ाई का दबाव संभाल नहीं पा रही है। यह सुसाइड नोट पुलिस को छात्रा के मोबाइल से मिला था।

पत्नी बोली- सुसाइड नोट के बाद भी पति को किया गया परेशान

करूणा राठौर का कहना है कि सुसाइड नोट मिलने के बावजूद उनके पति को लगातार परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि विजय पूरी तरह बेगुनाह थे, लेकिन छात्रा के परिजनों के कहने पर पुलिस उन्हें बार-बार थाने बुलाकर घंटों बैठाती थी और अपमानित करती थी। उन्होंने छात्रा रोशनी के परिजनों को अपने पति की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल कोहेफिजा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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