केंद्र सरकार ने नई श्रम संहिताएं लागू कर साप्ताहिक कार्य सीमा 48 घंटे तय की। अतिरिक्त काम पर दोगुना ओवरटाइम, न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा का प्रा …और पढ़ें

HighLights
- अतिरिक्त काम कराने पर कर्मचारियों को दोगुना ओवरटाइम भुगतान मिलेगा।
- सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- संविदा कर्मचारियों के बोनस भुगतान जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता की होगी।
डिजिटल डेस्क। कामकाज के घंटे को लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने नए श्रम कानूनों के तहत साप्ताहिक कार्य की सीमा 48 घंटे तय कर दी है। इससे अधिक घंटे काम कराने पर श्रमिकों को ओवरटाइम देना होगा। श्रमिकों को निर्धारित प्रति घंटे मजदूरी का दोगुना भुगतान किया जाएगा।
पांच साल से अधिक के इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने नियम प्रकाशित करके चारों श्रम संहिताओं को लागू कर दिया है। इसके तहत सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रविधान किए गए हैं। नए नियमों को सरकार के आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित कर दिया गया है।
इसके साथ ही नई श्रम व्यवस्था अब पूरे देश में लागू हो गई है। वैसे, ये श्रम संहिताएं 21 नवंबर, 2025 से प्रभावी हैं। मजदूरी संहिता के तहत केंद्र सरकार को न्यूनतम मजदूरी और राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। संविदा कर्मचारियों को बोनस का भुगतान नहीं करने के लिए ठेकेदार के बजाय मुख्य नियोक्ता को जिम्मेदार ठहराया गया है।
इन चार संहिताओं को किया लागू
लागू चार श्रम संहिताओं में मजदूरी संहिता, 2019, औद्योगिक संबंध संहिता, 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थिति संहिता, 2020 शामिल हैं।
