ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने शनिवार दोपहर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शहर के पॉश इलाके कैलाश विहार स्थित होटल एचजी से चार एजेंटों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह होटल के कमरे को कंट्रोल रूम बनाकर देशभर में साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इस गिरोह के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। जांच में पता चला कि पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले नंबरों से म्यूल खातों का नेटवर्क ऑपरेट किया जा रहा था। क्राइम ब्रांच फिलहाल आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में दो ग्वालियर, एक मुरैना और एक राजस्थान के धौलपुर का निवासी है।

क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि होटल एचजी के एक कमरे में कुछ संदिग्ध युवक रुके हुए हैं, जो लैपटॉप और दर्जनों मोबाइल फोन के जरिए संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबिश दी और मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पढ़ें:  इधर दिग्गज खिला रहे थे मिठाई; वहां नियुक्ति आदेश ही फर्जी निकला

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी म्यूल खातों का बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के मोबाइल फोन पर पाकिस्तान के कंट्री कोड वाले नंबरों से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज आ रहे थे। पाकिस्तान में बैठा हैंडलर इन्हें निर्देश देता था कि ठगी की रकम किस खाते में मंगानी है और उसे आगे कहां ट्रांसफर करना है।

यह गिरोह भोले-भाले लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें ठगी की रकम ट्रांसफर करवाता था। ठग सीधे अपने खातों में पैसा नहीं मंगाते थे, बल्कि गरीब या लालच में आए लोगों को कमीशन देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में करते थे।

ग्वालियर से पकड़े गए एजेंट इसी नेटवर्क को मैनेज कर रहे थे और ठगी की रकम को डार्क वेब तथा क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजने का काम करते थे। पुलिस ने मौके से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद किए हैं। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने करोड़ रुपये की ठगी की है और ग्वालियर सहित अन्य शहरों में इनके कितने सहयोगी सक्रिय हैं। 





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *