मध्यप्रदेश में नेताओं और अफसरों के बीच बढ़ते टकराव ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा विधायकों और अधिकारियों के विवादों के बाद केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए राज्यों को जनप्रतिनिधियों के सम्मान और तय प्रोटोकॉल के सख्त पालन के निर्देश जारी किए हैं। पढे़ं पूरी खबर


MP News Why Centre Stepped Into Growing Leader Officer Conflicts Power Clash or Bureaucratic Ego

नेताओं और अफसरों के बीच वाद-विवाद
– फोटो : अमर उजाला



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लोकतंत्र के चार स्तंभों में विधायिका और कार्यपालिका बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनके तालमेल से ही विकास परख जनतंत्र चलता है। जनता के काम होते हैं, पर इसमें तालमेल की कमी मध्य प्रदेश में देखी जा रही है। अफसरशाही हावी हो रही है तो नेताओं के कहने-बोलने का असर कम होता दिख रहा है। इससे नेता परेशान हैं और विवाद जब-तब सामने आ रहे हैं। बढ़ते विवादों के बीच केन्द्र सरकार ने दखल दिया है। अब साफतौर पर अफसरों को कड़े शब्दों में कहा गया है कि जनप्रतिनिधियों के लिए तय प्रोटोकॉल का पालन किया जाए। आखिर मध्य प्रदेश में ऐसा हो क्यों रहा है? इसके कारण क्या हैं? ताजा विवादों का आखिर में हल क्या निकला? ये सब जानते हैं, इस खबर में



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