नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे और आयुक्त संकेत भोंडवे ने शुक्रवार को शहर में विकास कार्यों के निरीक्षण के साथ ही नगर निगम ग्वालियर व मुरैना और अंचल के नगरीय निकायों के कार्यों की समीक्षा की।

जीवाजीगंज इलाके से निरीक्षण की शुरुआत

एसीएस और आयुक्त नगरीय प्रशासन सुबह सबसे पहली जीवाजीगंज इलाके में पहुंचे। यहां सीवर समस्या को देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। यहां अधिकारियों ने बताया कि एलिवेटेड रोड निर्माण के चलते कई स्थानों पर सीवर चैंबर टूट गए हैं। इससे ओवरफ्लो की समस्या हो रही है।

फिर लिया टूटे चैंबरों का जायजा

इसके बाद एसीएस और आयुक्त ने तानसेन नगर के पास एलिवेटेड रोड निर्माण के दौरान टूटे चैंबरों का जायजा लिया। फिर सभी अधिकारी आनंद नगर में मोहिते गार्डन के पास नाले का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। यहां नाले में सीवर लाइन का मिलान देखकर उन्होंने फिर से नाराजगी जाहिर की और कहा कि इसे डायवर्ट करने का प्लान क्या है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि नई लाइन का प्लान तैयार किया गया है। यहां से दोनों अधिकारी चेतकपुरी रोड का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। पिछले मानसून में ये रोड निर्माण के बाद धंसकने के कारण चर्चा में आई थी।

रोड के निरीक्षण के दौरान एसीएस संजय दुबे ने कुलदीप नर्सरी के बगल में मौजूद नाले और उसके आसपास काटी जा रही कालोनी का निरीक्षण किया। नाले के डायवर्जन के प्लान पर भी उन्होंने अप्रसन्नता जताई, साथ ही निगमायुक्त संघ प्रिय को निर्देश दिए कि इस इलाके का पूरा ले-आउट और कालोनी काटने की परमिशन की फाइल बैठक में लाई जाए। इसके बाद उन्होंने गोरखी स्थित मल्टी लेवल कार पार्किंग का निरीक्षण किया। यहां निचली मंजिल पर पानी भरा देखकर उन्होंने कारण पूछा, तो इंजीनियरों ने बताया कि यहां भू-जल स्तर सात मीटर पर है।

नगर निगम ग्वालियर और मुरैना के कार्यों की समीक्षा की

पार्किंग निर्माण की खोदाई के दौरान यहां पानी निकला है और निर्माण कार्य पूरा होने पर जिस बोरिंग से ये पानी निकला है, उसे बंद कर दिया जाएगा।

इस पर उन्होंने कहा कि इस बोरिंग को बंद करने के बजाय यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की संभावनाएं देखी जाएं, जिससे इस पानी को पेयजल आपूर्ति के रूप में उपयोग में लाया जा सके। इसके बाद उन्होंने बाल भवन के एक्यूआइ कक्ष में नगर निगम ग्वालियर और मुरैना के कार्यों की समीक्षा की।

इसमें इसमें केंद्र सरकार व राज्य शासन की योजनाओं जैसे अमृत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, एमपीयूडीसी की परियोजनाओं, नमामि गंगे और स्काडा, कायाकल्प, मुख्यमंत्री अधोसंरचना, द्वारिका नगरी योजना आदि शामिल हैं।



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