मध्यप्रदेश में 10वीं और 12वीं के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक और मौका कल से शुरू होने जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की द्वितीय बोर्ड परीक्षाएं 7 मई से आयोजित होंगी। परीक्षा को लेकर पूरे प्रदेश में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और प्रशासनिक स्तर पर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। इस बार परीक्षा केवल आयोजन की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की भागीदारी को लेकर भी खास चर्चा में है, क्योंकि बड़ी संख्या में छात्रों ने इस अवसर से दूरी बनाई है।

फेल ज्यादा, परीक्षा देने वाले कम

मुख्य बोर्ड परीक्षा में इस वर्ष कुल 4.89 लाख विद्यार्थी असफल हुए थे। इसके बाद उन्हें द्वितीय परीक्षा का मौका दिया गया, ताकि वे अपना एक साल बचा सकें। लेकिन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। केवल 3.42 लाख विद्यार्थियों ने ही परीक्षा के लिए फॉर्म भरा है। इसका मतलब है कि करीब 70 प्रतिशत छात्र ही इस बार परीक्षा में शामिल होंगे, जबकि लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 1.47 लाख विद्यार्थियों ने यह मौका छोड़ दिया।

624 केंद्रों पर परीक्षा, राजधानी में 24

द्वितीय परीक्षा के आयोजन के लिए पूरे प्रदेश में 624 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राजधानी भोपाल में लगभग 24 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। हर जिले में केंद्रों का चयन इस तरह किया गया है कि अधिक से अधिक छात्रों को सुविधा मिल सके। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। इन केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अव्यवस्था न हो।

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समय और एंट्री के सख्त नियम

परीक्षा का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तय किया गया है। विद्यार्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुबह 8 बजे तक अपने-अपने परीक्षा केंद्रों पर अनिवार्य रूप से पहुंच जाएं, ताकि समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जा सके। प्रवेश को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले तक ही छात्रों को केंद्र में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में एंट्री की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य परीक्षा की अनुशासन व्यवस्था को बनाए रखना है।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रश्नपत्रों को पुलिस थानों में सुरक्षित रखा गया है और उन्हें तय प्रक्रिया के तहत केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और प्रशासनिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए ऑनलाइन सिस्टम भी लागू किया गया है, जिससे उच्च स्तर पर बैठकर भी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। नकल और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड भी लगातार निरीक्षण करेंगे।

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प्रायोगिक परीक्षा भी साथ में

लिखित परीक्षाओं के साथ ही प्रायोगिक परीक्षाएं भी 7 मई से 25 मई के बीच संबंधित स्कूलों में आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों को इसकी जानकारी पहले ही स्कूलों के माध्यम से उपलब्ध करा दी गई है, ताकि वे समय पर अपनी तैयारी पूरी कर सकें। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 7 से 19 मई तक और कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 7 से 25 मई तक संचालित होंगी। इस दौरान पूरे प्रदेश में परीक्षा से जुड़ी गतिविधियां लगातार चलती रहेंगी।

 



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