मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने प्रदेश के विकास और जन-कल्याण के लिए 38 हजार 555 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। कैबिनेट ने ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ और जिला स्तर पर समितियां बनाने को मंजूरी दी है, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का जल्द समाधान हो सके और उनके विकास को बढ़ावा मिले। इस बोर्ड की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। इसमें औद्योगिक नीति, एमएसएमई समेत कई विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। साथ ही वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पर्यटन जैसे विभागों के प्रतिनिधि भी बोर्ड का हिस्सा होंगे।
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राष्ट्रीय संस्थानों और उद्योग संगठनों की भागीदारी
बोर्ड में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, नाबार्ड, एनएचएआई और एफएसएसएआई जैसे संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा उद्योग संगठनों जैसे सीआईआई, एफआईसीसीआई और डीआईसीसीआई के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा। हर जिले में जिला स्तरीय समिति (DLC) बनाई जाएगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं को वहीं हल किया जा सके। इन समितियों का गठन और कार्य तय करने की जिम्मेदारी सदस्य सचिव की होगी। राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक साल में चार बार, यानी हर तीन महीने में होगी। वहीं जिला स्तरीय समितियों की बैठक हर महीने आयोजित की जाएगी। इस व्यवस्था से व्यापारियों और सरकार के बीच सीधा संवाद बनेगा। इससे व्यापार से जुड़ी दिक्कतें जल्दी दूर होंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
समें विभिन्न विभागों के साथ अशासकीय सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही निर्यात को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर भी समितियां बनाई जाएंगी, जिनमें सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
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दलहन मिशन और विकास कार्यों को मंजूरी
मध्यप्रदेश सरकार ने “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” को अगले 5 साल तक जारी रखने के लिए 2442 करोड़ 4 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इस योजना को लागू करने के लिए किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग को जरूरी नियम और दिशा-निर्देश तय करने का अधिकार दिया गया है। यह मिशन देशभर में दलहन उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से 11 अक्टूबर 2025 को शुरू किया गया था। इसका मकसद किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराना, दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाना और उत्पादन में वृद्धि करना है।
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किसानों को कैसे होगा फायदा
इस योजना के तहत किसानों को उन्नत और जलवायु के अनुकूल बीज दिए जाएंगे। बीज उत्पादन, वितरण, प्रशिक्षण और खेतों में प्रदर्शन (डेमो) जैसे काम किए जाएंगे। फसल कटाई के बाद भंडारण, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) और पैकेजिंग की सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को अपनी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और नुकसान कम होगा। इस योजना से प्रदेश में दलहन की खेती बढ़ेगी, उत्पादन में इजाफा होगा और किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद है।
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पीडब्ल्यूडी के लिए 32 हजार करोड़ स्वीकृत
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण, मरम्मत और शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए कुल 32 हजार 405 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें सड़कों और पुलों के रखरखाव के लिए 6 हजार 150 करोड़ रुपये, एफ टाइप और उससे नीचे श्रेणी के सरकारी आवासों के रखरखाव के लिए 1 हजार 345 करोड़ रुपये शामिल हैं। वहीं ग्रामीण सड़कों और अन्य जिला मार्गों के निर्माण एवं उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रुपये तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए 610 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। ये सभी कार्य 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालित किए जाएंगे।
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आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने 1295 करोड़ स्वीकृत
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 1,295 करोड़ 52 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत भोपाल के बांदीखेड़ी क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। साथ ही आईटी निवेश प्रोत्साहन के लिए 300 करोड़ रुपये तथा राज्य स्तरीय स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क के संचालन के लिए 526 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर के सरकारी कार्यालयों को आपस में जोड़कर संचार और सूचना के आदान-प्रदान को सुगम बनाना है।
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आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 1800 करोड़ खर्च होंगे
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और ‘मिशन वात्सल्य’ के संचालन के लिए कुल 2,412 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 1,500 नए आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं समेकित बाल संरक्षण योजना के लिए 606 करोड़ 68 लाख रुपये और स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को पोषण, शिक्षा, आश्रय और संरक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
