श्योपुर जिला अस्पताल से एक सुखद और दुर्लभ खबर सामने आई है। वीरपुर तहसील के भैरूपुरा गांव की रहने वाली पूजा सुमन ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। इनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं। हालांकि समय से पहले जन्म और कम वजन के चलते चारों नवजातों की हालत नाजुक बनी हुई है। सभी को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में भर्ती कर डॉक्टरों की सतत निगरानी में रखा गया है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पूजा सुमन को रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे प्रसव पीड़ा के साथ जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की अनुभवी टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद चारों बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराया गया। एक साथ चार बच्चों के जन्म की खबर मिलते ही अस्पताल में खुशी और हैरानी का माहौल बन गया।
शिशु रोग विशेषज्ञों ने बताया कि पूजा की डिलीवरी गर्भावस्था के सातवें महीने में हुई है। समय से पहले जन्म होने के कारण चारों नवजातों का वजन सामान्य से काफी कम है। प्रत्येक बच्चे का वजन लगभग एक किलोग्राम के आसपास है। कम वजन और प्री-मैच्योर बर्थ के चलते बच्चों को सांस लेने और शरीर का तापमान बनाए रखने में दिक्कत हो सकती है। इसी वजह से सभी को एसएनसीयू में वार्मर पर रखा गया है।
ये भी पढ़ें- बंगाल जीत पर रो पड़े कैलाश विजयवर्गीय, बोले-जहां कार्यकर्ता नहीं मिलते थे, वहां भी मिला प्यार
फिलहाल चारों नवजातों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। शिशु रोग विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे उनकी पल-पल की मॉनिटरिंग कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 72 घंटे बेहद अहम हैं। वहीं राहत की बात यह है कि बच्चों की मां पूजा सुमन की हालत स्थिर और पूरी तरह स्वस्थ है। समय पर अस्पताल पहुंचने और डॉक्टरों की तत्परता से जच्चा-बच्चा की जान बच गई।
चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक एक साथ चार बच्चों का जन्म बेहद दुर्लभ घटना होती है। ऐसे मामलों को क्वाड्रुप्लेट्स कहा जाता है। इन नवजातों को संक्रमण, सांस की तकलीफ और पीलिया का खतरा अधिक रहता है। इसलिए इन्हें विशेष चिकित्सकीय देखभाल, इन्क्यूबेटर और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बच्चों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।
भैरूपुरा गांव में एक साथ चार बच्चों के जन्म की खबर से खुशी की लहर है, लेकिन बच्चों की नाजुक हालत से परिजन चिंतित भी हैं। पूजा के पति और परिवार के लोग अस्पताल में ही डटे हैं और बच्चों के स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं। डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया है कि टीम पूरी सतर्कता से इलाज कर रही है। श्योपुर जिला अस्पताल की टीम ने इस जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक कराकर अपनी दक्षता साबित की है।

इस महिला ने दिया चार बच्चों को जन्म
