मध्य प्रदेश में किसानों के प्रस्तावित आंदोलन से पहले ही प्रशासन और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। आरोप है कि पुलिस ने कई किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया, ताकि वे भोपाल पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। किसान संगठन अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी भोपाल में जुटने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए सीहोर-भोपाल मार्ग पर फंदा टोल नाके पर एकत्र होने की योजना थी। लेकिन पुलिस ने आंदोलन शुरू होने से पहले ही सख्ती दिखाते हुए कई नेताओं की आवाजाही सीमित कर दी। जानकारी के अनुसार, देवास, रतलाम सहित कई जिलों में प्रमुख किसान नेताओं के घरों के बाहर सुबह से ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि करीब 30 जिलों से कार्यकर्ता भोपाल आने वाले थे, लेकिन पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर उन्हें रोक दिया। वहीं, किसान नेताओं का कहना है कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, इसलिए वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे। उन्की मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और बढ़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
