मध्य प्रदेश समेत देशभर में महिलाओं को आरक्षण देने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नारी शक्ति वंदन को लेकर बड़ा संदेश देने की तैयारी में नजर आ रही है। चर्चा है कि पार्टी राज्यसभा चुनाव और संगठन दोनों स्तरों पर महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ा सकती है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। इनमें से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते की है। भाजपा अपनी दो सीटों में से एक पर महिला उम्मीदवार उतार सकती है। राज्यसभा चुनाव में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने का मकसद भाजपा के 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को जमीन पर दिखाना और महिला मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश देना माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने और व्यापक सामाजिक संदेश देने की कोशिश है।  

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संगठन में भी बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी

सिर्फ चुनाव ही नहीं, संगठन स्तर पर भी महिलाओं को अधिक अवसर देने की तैयारी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संकेत दिए हैं कि जल्द बनने वाली प्रदेश कार्यकारिणी में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। बताया जा रहा है कि नई कार्यकारिणी का आकार पहले से छोटा होगा, लेकिन उसमें महिलाओं की संख्या बढ़ सकती है। पिछली कार्यसमिति में करीब 200 सदस्य थे, जिनमें लगभग 36 महिलाएं शामिल थीं। इस बार यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। 

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हर जिले को मिलेगा संतुलित प्रतिनिधित्व

जानकारी के अनुसार, इस बार कार्यसमिति गठन में बड़े शहरों के वर्चस्व को सीमित करने की भी तैयारी है। योजना के तहत हर जिले से अधिकतम चार नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए सभी जिलों से नाम मांगे गए हैं, जिनमें प्रदर्शन, संगठनात्मक सक्रियता और क्षेत्रीय संतुलन को आधार बनाया जाएगा।



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