इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल द्वारा जारी वर्ष 2026 की पहली तिमाही की ताजा रिपोर्ट तो यही दर्शा रही है। जनवरी से मार्च की अवधि के लिए जारी एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी रिपोर्ट में इंदौर अब देश के प्रमुख हवाई अड्डों की सूची में 13वें पायदान पर पहुंच गया है। यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि महज तीन महीने पहले, यानी वर्ष 2025 की अंतिम तिमाही में इंदौर देश के टॉप हवाई अड्डों में छठे स्थान पर काबिज था। वर्तमान में इंदौर एयरपोर्ट अपनी रैंकिंग और सुविधाओं को लेकर संघर्ष करता नजर आ रहा है।

पुणे रहा देश में अव्वल और इंदौर को मिले कम रेटिंग अंक

ताजा सर्वे रिपोर्ट के अनुसार इंदौर को 5 में से केवल 4.87 रेटिंग अंक ही प्राप्त हो सके हैं। इसके विपरीत पुणे एयरपोर्ट ने 4.96 अंकों के साथ पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की है। रैंकिंग में दूसरे स्थान पर चेन्नई 4.95 अंकों के साथ और तीसरे स्थान पर गोवा 4.94 अंकों के साथ मौजूद है। इंदौर की रेटिंग में आई इस कमी ने इसे देश के कई अन्य प्रतिस्पर्धी हवाई अड्डों से काफी पीछे धकेल दिया है।

साफ-सफाई, वाईफाई से लेकर खान-पान तक की शिकायतें

सर्वेक्षण के दौरान यात्रियों ने विभिन्न सुविधाओं को लेकर भारी असंतोष व्यक्त किया है। कुल 31 पैरामीटर्स में से 28 मानकों पर इंदौर एयरपोर्ट को बेहद कम रेटिंग दी गई है। यात्रियों की मुख्य शिकायतें साफ-सफाई, वाईफाई कनेक्टिविटी की खराब गुणवत्ता, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स की भारी कमी और एयरपोर्ट पर मनोरंजन के विकल्पों के अभाव को लेकर रही हैं। हालांकि प्रबंधन ने मार्च में उड़ान कैफे और वेटिंग एरिया विस्तार जैसी नई सुविधाएं शुरू की थीं, लेकिन ये प्रयास यात्रियों को संतुष्ट करने में पूरी तरह विफल साबित हुए। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाओं, खान-पान के विकल्पों और सुरक्षा कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी यात्रियों का अनुभव सुखद नहीं रहा।

शीर्ष पर पहुंचने की उम्मीदों को लगा झटका

इंदौर एयरपोर्ट के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो मौजूदा स्थिति चिंताजनक दिखाई देती है। वर्ष 2025 की वार्षिक रैंकिंग में इंदौर 4.92 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर रहा था, जिससे इसके शीर्ष पर पहुंचने की संभावनाएं जताई जा रही थीं। लेकिन अब 16 प्रमुख एयरपोर्ट्स की सूची में इंदौर का स्थान काफी नीचे चला गया है और इसके पीछे केवल श्रीनगर, पोर्ट ब्लेयर और अमृतसर जैसे हवाई अड्डे ही रह गए हैं। इस गिरावट के कारण इंदौर अब रायपुर, कालीकट, कोयंबत्तूर और भुवनेश्वर जैसे छोटे शहरों के एयरपोर्ट्स से भी पिछड़ गया है, जो शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।



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