मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, किसानों और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ी घोषणाएं की और विकास कार्यों के लिए करोड़ों का बजट मंजूर किया। कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों के लिए 26,311 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह मंजूरी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की अवधि के लिए दी गई है। इस राशि का उपयोग सड़कों के नवीनीकरण, सरकारी भवनों के निर्माण और मरम्मत, आवासों के रखरखाव और जमीन अधिग्रहण के मुआवजे जैसे कामों में किया जाएगा। सरकार ने अलग-अलग कामों के लिए बजट तय किया है। इसमें कार्यालय और भवनों के निर्माण व रखरखाव के लिए 6,180 करोड़ रुपये, सड़क निर्माण और विकास के लिए 6,925 करोड़ रुपये, सरकारी आवास और भवनों की मरम्मत के लिए 1,680 करोड़ रुपये, भूमि अधिग्रहण मुआवजे के लिए 6,500 करोड़ रुपये और जिला और मुख्य सड़कों के नवीनीकरण के लिए 5,000 करोड़ रुपये बजट तय किया है। इसके अलावा भारतीय सड़क कांग्रेस को अनुदान और अन्य भुगतान के लिए 25 करोड़ 50 लाख रुपये भी मंजूर किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस फैसले से प्रदेश में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।
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38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली व्यवस्था
भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत प्रदेश के 38,901 आंगनवाड़ी भवनों में बिजली कनेक्शन लगाने के लिए 80 करोड़ 41 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी। प्रदेश में कुल 97,882 आंगनवाड़ी केंद्रों में से जिन भवनों में अभी बिजली नहीं है, वहां यह सुविधा दी जाएगी। बिजली लगने के बाद आंगनवाड़ी केंद्रों में पंखा, बल्ब, कूलर, स्मार्ट टीवी और वाटर प्यूरीफायर जैसी सुविधाएं बेहतर तरीके से चल सकेंगी। इससे बच्चों को पढ़ाई और देखभाल के लिए बेहतर और आरामदायक माहौल मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस कदम से आंगनवाड़ी सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी और बच्चों को शुरुआती शिक्षा बेहतर वातावरण में मिल सकेगी।
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ओबीसी छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाकर 10 हजार की
बैठक में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित दिल्ली स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत मध्यप्रदेश के पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रगृह योजना-2005 में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधन के अनुसार अब हर साल कुल 100 नए विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनमें 50 सीटें स्नातक और 50 सीटें स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित की गई हैं। पहले से योजना का लाभ ले रहे विद्यार्थियों को उनके कोर्स की अवधि पूरी होने तक सहायता मिलती रहेगी। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए छात्रवृत्ति राशि को 1,550 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रति माह कर दिया है। योजना का लाभ लेने के लिए यह जरूरी होगा कि विद्यार्थी पिछड़ा वर्ग पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्र हो और उसके अभिभावकों की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर हो।
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शाजापुर की लखुंदर सिंचाई परियोजना को स्वीकृति
कैबिनेट ने शाजापुर जिले की लखुंदर उच्च दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 155 करोड़ 82 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना से शाजापुर जिले की शाजापुर तहसील के 17 और उज्जैन जिले की तराना तहसील के 7 गांवों सहित कुल 24 गांवों को लाभ मिलेगा। इससे लगभग 9,200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। परियोजना के तहत लखुंदर नदी पर शाजापुर जिले के मक्सी के पास बने जलाशय से 24.37 मिलियन घन मीटर पानी का उपयोग कर खेतों तक सिंचाई पहुंचाई जाएगी।
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भोपाल और रीवा मेडिकल कॉलेज में बढ़ेगी सुविधाएं
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी निर्णय लिया। इसमें धी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल के पीजी सीट विस्तार और आधुनिक सुविधाओं स्वीकृति दी गई है। इसके अंतर्गत रेडियोथैरिपी विभाग की ओ.पी.डी, लीनियक मशीन बंकर, बोनमैरो ट्रांसप्लांट यूनिट और कैथलैब का निर्माण कार्य के लिए 14 करोड़ 8 लाख रूपये की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने के साथ 79 करोड़ 16 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। वहीं रीवा के श्यामशाह चिकित्सा महाविद्यालय के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल विस्तार के लिए बजट बढ़ाकर 174.80 करोड़ रुपये किया गया है। इन फैसलों से प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और इलाज सुविधाएं और मजबूत होंगी।
