बैठक में अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। …और पढ़ें

HighLights
- एंट्री का समय घटा, वार्डनों को कड़े निर्देश
- हॉस्टलों में लगेंगे सीसीटीवी, अलग होंगे इंटर्न-पीजी
- अभिभावकों से सीधे संवाद करेगा कॉलेज प्रबंधन
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के हॉस्टलों में अब मनमानी नहीं चलेगी। तिघरा डैम में दो छात्रों की दुर्घटना में मौत के बाद जागे कॉलेज प्रबंधन ने सोमवार को कड़े फैसले लिए। बोर्ड रूम में दोपहर 1.30 बजे आयोजित बैठक में अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने वार्डनों, सहायक वार्डनों और चीफ वार्डन के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए पूछा कि छात्र बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्रों में कैसे पहुंच रहे हैं।
बैठक में डीन ने हास्टल में एंट्री और एग्जिट का समय रात 10:30 बजे से घटाकर रात 10 बजे कर दिया है। इसके साथ ही अब सभी वार्डनों को हर महीने हास्टल की बाकायदा निरीक्षण रिपोर्ट बनाकर देनी होगी। डॉ. धाकड़ ने कड़े शब्दों में कहा कि जो भी छात्र हॉस्टल के नियमों का उल्लंघन करे, उसे चिह्नित कर तत्काल निष्कासित (हॉस्टल से बाहर) करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में जब सुरक्षा का मुद्दा उठा, तो वार्डनों ने सीसीटीवी कैमरों की कमी की बात सामने रखी।
इस पर अधिष्ठाता ने कहा कि कैमरों की स्थापना के लिए शासन को 30 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। यदि वहां से मंजूरी में देरी होती है, तो कार्यपरिषद से मंजूरी लेकर हॉस्टलों में कैमरे लगवाए जाएंगे। इसके साथ ही इंटर्न और पीजी के हास्टल अलग-अलग किए जाएंगे।
अभिभावकों को बुलाकर साझा होगी रिपोर्ट
सुरक्षा के इस नए फार्मूले में अब माता-पिता की भूमिका भी अहम होगी। डीन ने निर्देश दिए हैं कि वार्डन समय-समय पर विद्यार्थियों के अभिभावकों से संवाद करें। उन्हें कॉलेज और हॉस्टल बुलाकर उनके बच्चों की प्रगति और हॉस्टल में उनके व्यवहार की रिपोर्ट साझा की जाए, ताकि छात्र बाहर रहकर किसी गलत रास्ते पर न जाएं।
