हाल ही में ग्वालियर चंबल अंचल के प्राधिकरणों में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थकों की नियुक्ति से इस तरह तालमेल दिखाई दिया, जिससे दोनों ही खुश नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि इन नियुक्तियों के बाद ग्वालियर में सिंधिया और तोमर के बीच खींचतान अब गुजरे दिनों की बात हो सकती है। बताया गया है कि ग्वालियर क्षेत्र में ये नियुक्तियां सात साल के बाद हुई हैं। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ग्वालियर चंबल क्षेत्र के दो क्षत्रपों के बीच मुख्यमंत्री की पहल से हुई समन्वय की शुरुआत आगे कब तक बनी रहेगी।

मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निवास पर दो दिन पहले भाजपा समन्वय समिति की बैठक हुई। इस बैठक में पार्टी और संघ के दिग्गज नेता मौजूद थे। अंदर खाने की खबर पर अगर भरोसा किया जाए तो मंत्रिमंडल विस्तार भी चर्चा का विषय था। मोहन मंत्रिमंडल में वर्तमान में 31 मंत्री हैं और कुल 35 मंत्री हो सकते हैं। यानी अभी चार पद भरे जा सकते हैं। चर्चा है कि कुछ हैवीवेट मंत्रियों को हटाया जा सकता है और कुछ पुराने दिग्गजों को लाया जा सकता है। 4 मई को पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद इस विस्तार को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

तूल नहीं पकड़ सका मंत्री-आईएएस अधिकारी विवाद  

प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और जबलपुर में स्मार्ट सिटी के सीईओ युवा आईएएस अधिकारी अरविंद शाह के बीच विवाद हुआ। इससे पहले की यह मामला और तूल पकड़ता, राकेश सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मध्य प्रदेश आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव से चर्चा कर इस मामले को निपटाने में सफलता हासिल कर ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में हुई बैठक में इस विवाद का पटाक्षेप हो गया। बताया गया है कि पार्टी में जबलपुर के राकेश सिंह विरोधी नेताओं ने इस मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की थी। 

चर्चा में हैं दो कलेक्टरों के बिरले तेवर 

प्रदेश में रीवा और मैहर के कलेक्टर इन दिनों में चर्चा में हैं। रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी अपने काम को लेकर रीवा में छा रहे हैं तो मैहर की कलेक्टर अपने संवेदनशील तेवरों के चलते सुर्खियों में हैं। बताया गया है कि रीवा के कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने कामकाज में ढीले रीवा प्रशासन को कसने की शुरुआत कलेक्ट्रेट से ही की। वे सुबह 10:00 बजे कलेक्ट्रेट के मेन गेट पर खड़े हो गए और देर से आने वाले कर्मचारियों की जोरदार क्लास ली और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अब यह सब नहीं चलेगा। इसका असर यह हुआ कि अब कलेक्ट्रेट के अधिकारी कर्मचारी सुबह 10:00 बजे अपनी टेबल पर नजर आ रहे हैं। इससे आम जनता को राहत महसूस हो रही है। वहीं, मैहर की कलेक्टर विदिशा मुखर्जी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक प्रसूता पर बिफरते हुए कह रही हैं कि हमने तो एक पर ही समाप्त कर दिया, आप इस जमाने की होकर पांच बच्चे कर रही हो! कलेक्टर ने महिला सशक्तिकरण के उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में आज 31% कलेक्टर महिलाएं हैं, इसलिए लड़के की चाहत क्यों?

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