गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के हमीदिया अस्पताल में प्रशासनिक स्तर पर नए बदलावों की शुरुआत हो गई है। कार्यकारिणी समिति की नवनियुक्त अध्यक्ष एनएचएम की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना ने पदभार संभालने के बाद पहली बड़ी समीक्षा बैठक में ही सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने साफ संकेत दिए कि अब अस्पताल और मेडिकल कॉलेज से जुड़े लंबित मामलों, मरीजों की सुविधाओं और अधूरी परियोजनाओं पर तेजी से काम होगा। बैठक में जीएमसी की अधिष्ठाता डॉ. कविता एन. सिंह,हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन, विभागाध्यक्ष, नोडल अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मेडिकल शिक्षा से लेकर निर्माण कार्यों तक की समीक्षा

डॉ. सिडाना ने मेडिकल छात्रों की पढ़ाई, रिसर्च गतिविधियों और अस्पताल की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने परिसर में पीडब्ल्यूडी और पीआईयू के माध्यम से चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से समयसीमा और गुणवत्ता को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल प्रदेश की प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं में शामिल हैं, इसलिए यहां की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

किडनी ट्रांसप्लांट की अड़चनें दूर करने के निर्देश

बैठक के दौरान किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा सामने आया। इस पर डॉ. सिडाना ने तत्काल अधिकारियों से चर्चा कर तकनीकी और प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने की प्रक्रिया शुरू कराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और ऐसी सेवाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

कैंसर मरीजों के लिए राहत, लिनेक मशीन पर दिया भरोसा

रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की समीक्षा के दौरान कैंसर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक लीनियर एक्सीलरेटर (लिनेक) मशीन का मामला भी उठा। विभागाध्यक्षों से चर्चा के बाद डॉ. सिडाना ने मशीन की खरीदी में आ रही बाधाओं को जल्द दूर कराने का आश्वासन दिया। माना जा रहा है कि लिनेक मशीन उपलब्ध होने से कैंसर मरीजों को आधुनिक रेडिएशन थेरेपी की सुविधा मिल सकेगी और इलाज के लिए अन्य शहरों पर निर्भरता कम होगी।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य और टीबी प्रोजेक्ट्स पर विशेष फोकस

एनएचएम एमडी होने के नाते डॉ. सिडाना ने बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने नवजात शिशु रोग सुपरस्पेशलिटी सेवाओं को मजबूत करने, मातृ स्वास्थ्य योजनाओं को गति देने और टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन योजनाओं का सीधा संबंध आम लोगों के स्वास्थ्य से है, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही भरोसा दिलाया कि फंड और प्रशासनिक मंजूरियों के स्तर पर आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

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अधिकारियों को दोटूक संदेश, समय सीमा में पूरे हों काम

बैठक के समापन पर डॉ. सलोनी सिडाना ने सभी विभागों और निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी प्रोजेक्ट तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि जीएमसी और हमीदिया अस्पताल को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का मॉडल बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। पहली ही समीक्षा बैठक में लिए गए फैसलों और सख्त रुख से साफ है कि जीएमसी और हमीदिया अस्पताल में अब स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं को मजबूत करने और लंबित परियोजनाओं को गति देने पर विशेष जोर रहने वाला है।



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