नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। उत्तर प्रदेश के मेरठ का शातिर ठग सकील पुत्र निजामुद्दीन को ग्वालियर में पकड़ा गया है। वह खुद को तांत्रिक बताकर तंत्र-मंत्र से लोगों की समस्या दूर करने का झांसा देकर ठगी करता था। मुरार क्षेत्र में रहने वाली बीएससी की छात्रा से उसने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी।
क्या है मामला
छात्रा इंस्टाग्राम चला रही थी, तभी उसकी नजर एक पोस्ट पर पड़ी। पोस्ट में तंत्र-मंत्र से नौकरी दिलाने, पढ़ाई में सफलता दिलाने और अन्य समस्याओं के समाधान का दावा किया गया था। यह इंस्टा आईडी ‘एस्ट्रोलाजर शुभम’ के नाम से बनाई गई थी। छात्रा ने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो आरोपित ने खुद को तांत्रिक बताया और कुछ रुपये में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया।
आरोपित ने छात्रा से पहले 10 हजार रुपये मांगे। बाद में और रकम की मांग की। छात्रा ने रुपये नहीं होने की बात कही तो उसने गहने लाने को कहा। छात्रा घर से सोने की चूड़ी, मांग टीका, चेन और कान की बाली ले आई। आरोपित ने पूजा और गृह दोष दूर करने का झांसा देकर गहने रख लिए और बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गया।
स्वजन ने छात्रा से पूछताछ की
जब घर में गहने गायब मिले तो स्वजन ने छात्रा से पूछताछ की। इसके बाद छात्रा ने अपनी चाची वैशाली पत्नी सोनू गोयल को पूरी घटना बताई। फिर वैशाली ने आरोपित की इंस्टा आईडी फॉलो की और उससे गृह क्लेश दूर करने के नाम पर बातचीत शुरू की। आरोपित ने फिर पूजा के नाम पर गहने मांग लिए।
दो साथी मौके से फरार
महिला ने उसे ग्वालियर बुलाया। सकील अपने दो साथियों के साथ वैगनआर कार से ग्वालियर पहुंचा। मुरार क्षेत्र में जैसे ही महिला ने उसे सोने की अंगूठी दी, उसने अपने भाइयों को बुला लिया और आरोपित को पकड़ लिया। उसके दो साथी मौके से फरार हो गए।
पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम सकील पुत्र निजामुद्दीन निवासी जाकिर कॉलोनी, पानी की टंकी के पास, लिसाड़ी गेट, मेरठ बताया। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
हिंदू नाम से बनाता था इंस्टा आईडी
आरोपित मुस्लिम है, लेकिन वह ठगी के लिए हिंदू नाम से इंस्टाग्राम आईडी बनाता था। वह ‘एस्ट्रोलाजर’ नाम लगाकर लोगों को झांसे में लेता था। पुलिस के अनुसार वह कई लोगों से इसी तरह ठगी कर चुका है। ठगी के बाद वह पुरानी आईडी बंद कर नई आईडी बना लेता था।
यह भी पढ़ें- बैतूल में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
