मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल मंदिर में रंगपंचमी के अवसर पर बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन और अभिषेक कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने महाकाल मंदिर से निकलने वाली पारंपरिक गेर से पहले ध्वजा का पूजन किया और अखाड़े के शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर शस्त्र संचालन एवं प्रदर्शन किया।

उज्जैन में आयोजित गेर में झांकियां, ताशा-ढोल, नृत्य दल और बैंड पार्टियों ने आयोजन को भव्य रूप दिया। इंदौर के प्रसिद्ध राजकुमार बैंड ने भी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री के लिए गेर में विशेष वाहन की व्यवस्था की गई थी, जबकि सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ 14 फायर ब्रिगेड वाहन तैनात किए गए थे।

शहर के विभिन्न स्थानों पर भी रंगपंचमी के कार्यक्रम आयोजित किए गए

गोपाल मंदिर: सुबह 8 बजे से मालवी रापट रोलिया का आयोजन हुआ, जिसमें देसी टमाटर, मुल्तानी मिट्टी और फूलों के रंगों से मथुरा-वृंदावन जैसी होली खेली गई।

कहारवाड़ी: शाम 4 बजे से पारंपरिक छड़ीमार होली खेली गई, जिसमें महिलाएं हाथ में छड़ियां लेकर युवाओं के पीछे दौड़ीं।

देवासगेट: यहां की कड़ाव वाली छपाक होली अपने अनोखे अंदाज के लिए प्रसिद्ध है।

बसंत विहार: सांस्कृतिक मंच द्वारा शाम को 251 लीटर दूध की ठंडाई वितरित कर उत्सव का समापन किया गया।

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यह रंगपंचमी का आयोजन उज्जैन की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक बनकर आया, जिसमें भक्तों और नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।

 



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