विक्रमोत्सव का शुभारंभ 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होगा। प्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम अपने बैंड के साथ शिवोहम की प्रस्तुति से कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। पूरे समारोह के दौरान 41 से अधिक गतिविधियां होंगी जो अद्भुत होंगी। इनमें 4 हजार से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसकी तैयारियां भव्य स्तर पर जारी हैं।
यह जानकारी महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक एवं मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने गुरुवार को कलेक्टर कार्यालय के सभागृह में मीडिया को देी। उन्होंने बताया कि पारिवारिक कारणों के चलते सिंगर सोनू निगम इस बार विक्रमोत्सव में शामिल नहीं हो सकेंगे। उनकी जगह विक्रम उत्सव के समापन (19 मार्च) गुड़ी पड़वा पर गायक विशाल मिश्रा अपने बैंड के साथ शिप्रा तट पर प्रस्तुति देंगे।
प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव की कालापरक और सांस्कृतिक आराधना के अंतर्गत प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें मंदिरों की साजसज्जा, साफ-सफाई एवं सांस्कृतिक गतिविधियां प्रमुख हैं।
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पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनियां
विक्रमोत्सव अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर एवं कालिदास संस्कृत अकादमी परिसर में पौराणिक, आध्यात्मिक, ऐतिहासिक, जनजातीय विषयों पर 7 विभिन्न प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें सम्राट विक्रमादित्य और अयोध्या, आर्ष भारत, महाभारतकालीन अस्त्र-शस्त्र, चक्रव्यूह, पताकाएं, शंख, 84 महादेव, जनजातीय देवलोक, श्रीकृष्ण प्रभात एवं रागमाला प्रमुख है। इन प्रदर्शनियों को महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी द्वारा तैयार किया गया है।
विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की प्रस्तुतियों का मंचन
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुकी नाट्य प्रस्तुतियों पर केन्द्रित दस दिवसीय इस विक्रम नाट्य समारोह में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा तैयार किया गया। प्रस्तुतियों में जटायुवधम्, चारूदत्तम, भरतवाक्य, जाति जीवनम्, अभिज्ञान शाकुन्तलम् और चतुर्भाणी शामिल है। इसके साथ ही अंधायुग, भूमि सूर्य वीरगाथा, आदि-अनंत, अभंग नाद, सौगंधिकाहरणं का भी मंचन होगा।
25 से 28 फरवरी में होगा पुतुल समारोह
भारत की विभिन्न पुतुल (कठपुतली) शैलियों पर आधारित पुतुल समारोह में 6 विभिन्न शैलियों में कठपुतलियों के माध्यम से सम्राट विक्रमादित्य, भीम और बकासुर, आठवां, द आर्चर स्टूड अलोन, दुर्योधन वधम् व पद्मगाथा की प्रस्तुतियां होंगी।
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भारतीय कवि सम्मेलनों का आयोजन
1 मार्च को लोकरंजन के अंतर्गत जनजातीय भाषा एवं बोलियों का अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर के विभिन्न बोलियों एवं भाषा के लगभग नौ कवि अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नारी शक्ति अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-प्रदेश की नौ महिला कवयित्रियों का कविता पाठ होगा। इसके साथ ही 14 मार्च को देशभर के 10 सुप्रसिद्ध एवं जाने-माने कवियों का कविता पाठ होगा। जिसका संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।
फिल्म महोत्सव में इस बार 25 से अधिक देश होंगे शामिल
पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित किया जा रहा है। इसमें 25 से देश शामिल हो रहे हैं। इसके साथ ही समारोह में अंग्रेजी, फ्रेंच, हिबरू, रसियन, स्पेनिश, अइसलेन्दीक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इन्डोनेशियन, अफरीकन, नाइजिरियन, सिंहली, ग्रीक, भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इस फिल्म समारोह में महाभारत पर केन्द्रित फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।
देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय सम्मान
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने ऐसे युग निर्माता गणनायक की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रुपये एक करोड़ एक लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होने जा रहा है। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रुपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किए हैं।
