चायनीज मांझे से हो रही लगातार घटनाओं को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने दुपहिया वाहनों पर एंटी डोर प्रोटेक्टर (तार का घेरा) लगाने का अभियान शुरू किया है। यह अभियान मकर संक्रांति तक जारी रहेगा। यातायात पुलिस ने हरिफाटक चौराहे पर दुपहिया वाहनों में एंटी डोर प्रोटेक्टर लगाए। पिछले करीब 3 महीनों में चाइनीज मांझे से गला कटने की घटनाओं में अब तक 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। पुलिस लगातार चाइनीज मांझा बेचने और खरीदने वालों पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद हो रही घटनाओं पर कंट्रोल पाने के लिए एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर दुपहिया वाहनों में एंटी डोर प्रोटेक्टर लगाने की मुहिम शुरू की गई है।
इस अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने न सिर्फ़ सुरक्षा बैरियर लगाए, बल्कि ड्राइवरों को उनका महत्व भी समझाया। उन्होंने सुरक्षित ड्राइविंग के तरीकों और ट्रैफिक नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में भी जागरूकता फैलाई। पुलिस के इस एक्टिव रवैये का मुख्य मकसद त्योहारों के मौसम में होने वाली बुरी घटनाओं की संख्या को जीरो करना है। उज्जैन पुलिस की इस पहल की आम जनता खूब तारीफ कर रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर नागरिकों की सुरक्षा और जान की हिफाज़त से जुड़ी है।
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इसीलिए पुलिस ने शुरू की यह पहल
एंटी डोर प्रोटेक्टर एक खास सेफ्टी डिवाइस है जो गाड़ी के आगे लगाया जाता है। यह तेत रफ़्तार से आने वाली पतंग की डोर को ड्राइवर तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है या बेअसर कर देता है। इससे गर्दन, चेहरे और हाथों पर गंभीर चोट लगने का खतरा काफी कम हो जाता है। इस कैंपेन के दौरान, ट्रैफिक पुलिस ने न सिर्फ ये सेफ्टी डिवाइस लगाए, बल्कि गाड़ी मालिकों को इनके इस्तेमाल और अहमियत के बारे में भी विस्तार से समझाया।
यह है एंटी डोर प्रोटेक्टर
एंटी डोर प्रोटेक्टर लोहे या किसी और मजबूत मटीरियल का बना एक गार्ड होता है, जिसे गाड़ी के आगे (हैंडलबार के पास) लगाया जाता है। यह पतंग की डोर को ऊपर की ओर मोड़ देता है, जिससे गाड़ी चलाते समय वह ड्राइवर की गर्दन, चेहरे या हाथों को छूने से बचती है।
