करीब ढाई साल पहले मां-बेटी को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने वाले आरोपी को शनिवार को उज्जैन कोर्ट ने आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार 7 सितंबर 2023 को एक महिला ने महिला थाना में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पीड़िता महिला ने बताया कि आरोपी शाहरुख उसके घर पर काम करता था और उसका घर आना-जाना बना रहता था। करीब ढाई साल पहले एक दिन घर पर कोई नहीं होने पर आरोपी ने दरवाजा बंद कर उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया।
महिला ने बताया कि डर के कारण वह इस घटना की जानकारी अपने पति या परिजनों को नहीं दे सकी। इसके बाद आरोपी ने घटना का वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।
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मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया के अनुसार जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने महिला के आपत्तिजनक वीडियो अपनी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति वसीम को दिखाए, जिन्होंने वीडियो वायरल कर दिए। वीडियो की एक कॉपी महिला के पति को भी दी गई।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उन्हीं वीडियो में महिला की नाबालिग बेटी का वीडियो भी शामिल था। पूछताछ में बेटी ने बताया कि आरोपी ने उसकी मां का वीडियो दिखाकर उसे भी डराया-धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
करीब ढाई वर्ष की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), जिला उज्जैन की अदालत ने आरोपी शाहरुख छीपार (उम्र 39 वर्ष), निवासी भैरवगढ़, उज्जैन को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 5/एल-6 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
