नववर्ष पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक का समय सबसे अधिक भीड़ भाड़ वाला रहा। इस दौरान करीब 30 लाख श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे और बाबा महाकाल के दर्शन किए।

कलेक्टर ने बताया कि 1 जनवरी को अकेले लगभग 5 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराना और सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य तक पहुंचाना प्रशासन के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी, जिसे सफलतापूर्वक निभाया गया। पूरे 10 दिनों तक प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की गई और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। आपने कहा कि यह संतोष का विषय है कि पूरे आयोजन के दौरान कहीं से भी किसी प्रकार की गंभीर शिकायत सामने नहीं आई और पूरा समय इंसीडेंट फ्री रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से मंदिर की आय में भी करोड़ो की वृद्धि दर्ज की गई।

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शीघ्र दर्शन से 5 करोड़ 40 लाख, प्रसाद विक्रय से 3 करोड़ 50 लाख का राजस्व मिला

कलेक्टर के अनुसार, शीघ्र दर्शन से मंदिर को लगभग 5 करोड़ 40 लाख की आय हुई। वहीं प्रसाद विक्रय से करीब 3 करोड़ 50 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ। ये आंकड़े श्रद्धालुओं की बाबा महाकाल के प्रति गहरी आस्था को दर्शाते हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने कहा कि आगे भी जब-जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे, प्रशासन इसी तरह की सुव्यवस्थित और सुरक्षित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

नये साल पर पहुंचे सबसे ज्यादा भक्त

नववर्ष के पहले दिन, 1 जनवरी को सर्वाधिक भीड़ दर्ज की गई, जब 6 लाख 12 हजार 879 श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यह 12 दिवसीय अवधि का सबसे बड़ा आंकड़ा था। इस दिन मंदिर परिसर, महाकाल लोक और आसपास के मार्गों पर भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। इसके बाद भी भीड़ का सिलसिला जारी रहा। 2 जनवरी को 2 लाख 73 हजार, 3 जनवरी को 2 लाख 19 हजार, 4 जनवरी को 2 लाख 46 हजार और 5 जनवरी को 2 लाख 14 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।



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