उज्जैन में किसी भी पर्व की शुरुआत बाबा महाकाल के दर से होती हैं। इसी परंपरा के चलते मकर संक्रांति पर्व पर भी सबसे पहले बाबा महाकाल को तिल के तेल से स्नान कर तिल्ली के लड्डू और पकवानों का भोग लगाकर की गई।



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