ग्वालियर में बहुचर्चित बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है। सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मारी थी और उसके बाद 12 दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाया है।इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी साहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वही पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
दअरसल, देहात आरोन थाना क्षेत्र के बनहेरी गांव में रहने वाले अजब सिंह रावत को 3 फरवरी की रात गोली लगी थी। जिसे गंभीर हालत में जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया था। अजब के साथी नितेश और रघुवीर रावत ने पुलिस को बयान देते हुए कहा था की अजब सिंह पर गांव के ही 12 लोगों ने घेरकर हमला किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोन पुलिस ने तत्काल हत्या के प्रयास की FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया
जांच के दौरान पुलिस ने सभी 12 आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने घटना में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। जब पुलिस ने टेक्निकल एविडेंस तलाशे तो फिर अजब सिंह को गोली लगने की फर्जी कहानी का खुलासा हो गया। अजब सिंह के पास अवैध हथियार था एक हादसे में अजब सिंह को गोली लग गई थी। इस घटना के बाद अजब सिंह उसके साथी नितेश और रघुवीर रावत ने मिलकर इस घटना में विरोधियों को फसाने की साजिश रच डाली और फिर गांव के ही 12 लोगों के नाम हमलावरों के रूप में लिखवा दिया। इस सभी को पुराने मामले में राजीनामा करने के लिए अजब सिंह और उनके साथियों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने जब अजब सिंह नितेश और रघुवीर के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली तो उसमें साज़िश की बातचीत रिकॉर्ड हुई।इसके बाद पुलिस ने फरियादी अजब सिंह को आरोपी बनाकर उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया और इस मामले का खुलासा कर दिया।फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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एसएसपी धर्मवीर सिंह जानें क्या कहा?
एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि बहुचर्चित बनहेरी सरपंच विक्रम रावत हत्याकांड मामले के एक गवाह पर हुए जानलेवा हमले की कहानी फर्जी निकली है।सरपंच हत्याकांड के गवाह ने दुश्मनों को फसाने के लिए खुद को गोली मारी थी और उसके बाद 12 दुश्मनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी। लेकिन जांच के बाद पुलिस ने फर्जी कहानी का भंडाफोड़ कर फरियादी को ही आरोपी बनाया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी साहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है।
