शिवपुरी जिले से लगे श्योपुर जिले के कूनो में कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट का द्वितीय संस्करण 5 अक्टूबर 2025 से होगा। इस आयोजन से आने वाले समय इस क्षेत्र में खासकर शिवपुरी और श्योपुर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट वेलनेस और वन्यजीव पर्यटन का हब है। इन आयोजनों से न केवल देश-विदेश से पर्यटक आकर्षित होंगे बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इस क्षेत्र में चीतों की वापसी के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी रहा कूनो राष्ट्रीय उद्यान अब इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक धरोहर का संगम प्रस्तुत करने जा रहा है। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के साथ पर्यटन को नई पहचान देगा।

मध्य प्रदेश अब पर्यटकों को देने जा रहा है ऐसा सफर, जिसकी प्रतीक्षा लंबे समय से थी। जंगल की रोमांचक रातें, नदी और बैकवाटर्स की शांति, और आसमान को छूती साहसिक गतिविधियां, ये सब मिलकर जल्द शुरू करने जा रहे हैं पर्यटन का नया अध्याय। मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड, ईको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से इस वर्ष महत्वपूर्ण आयोजन का शुभारंभ करने जा रहा है। कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट का द्वितीय संस्करण 5 अक्टूबर 2025 से श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान के समीप आयोजित होगा।

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पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि कूनो जैसे फॉरेस्ट रिट्रीट केवल पर्यटन आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये हमारे प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास हैं। इन आयोजनों से न केवल देश-विदेश से पर्यटक आकर्षित होंगे बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट, अनुभव-आधारित पर्यटन के उदाहरण हैं। इन आयोजनों में आने वाले मेहमान उच्चस्तरीय और सर्व सुविधा युक्त ग्लेम्पिंग का आनंद उठाएंगे और जल, थल एवं वायु आधारित साहसिक गतिविधियों जैसे पैरासेलिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्की, हॉट एयर बैलूनिंग, जंगल सफारी, नाइट वॉक और स्टार गेज़िंग का रोमांचक अनुभव प्राप्त करेंगे। ऑल सीजन टेंट सिटी के साथ ही बोट सफारी, बोट स्पा, योग एवं वेलनेस सत्र, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति और जीवन शैली से निकटता से जोड़ेंगी। इन आयोजनों को हमने इस तरह से आयोजित किया है कि पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और सतत विकास को प्राथमिकता दी जाए। 



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