शिवपुरी के वार्ड 33 में एसआईआर का 93% काम पूरा होने के बाद महिला बीएलओ को अचानक पैरालिसिस अटैक पड़ गया। उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शिवपुरी भर्ती कराया है। परिजन का कहना है कि टाइफाइड होने पर डॉक्टर ने 14 दिन आराम (बेड रेस्ट) की सलाह दी थी। लेकिन एसआईआर के लिए सात दिन में ही काम पर बुला लिया। रात में डाटा अपलोड करती रहती थीं। महिला नगर पालिका की सीओ (कम्युनिटी ऑर्गनाइजर) हैं।
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वार्ड 33 में एसआईआर में बीएलओ की ड्यूटी है
बताया जाता है कि नवाब साहब रोड निवासी ज्योति नामदेव (32) पुत्री मंगलसिंह नामदेव की वार्ड 33 में एसआईआर में बीएलओ की ड्यूटी है। भाई पुष्पेंद्र नामदेव का कहना है कि ज्योति ने अपना एसआईआर का 93% काम पूरा कर लिया। लेकिन रात को अचानक पानी पीने में दिक्कत हुई। फिर सुबह नींद खुली तो आधा मुंह लटका हुआ था। इलाज कराने शासकीय मेडिकल कॉलेज शिवपुरी लेकर पहुंचे। डॉक्टर ने पैरालिसिस अटैक बताया और भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। ज्योति नगर पालिका शिवपुरी में सीओ (कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर) के पद पर पदस्थ हैं।
डाटा अपलोड करने रात 3 बजे तक जागती थी
डॉक्टर ने 14 दिन तक बेड रेस्ट करने की सलाह दी थी। लेकिन एसआईआर के लिए 7 दिन में काम पर ही बुला लिया। काम का प्रेशर अधिक था। रात 11 बजे से लेकर 12 और कभी कभी 3 बजे तक। पुष्पेंद्र का कहना है कि बहन ज्योति को बीएलओ का काम सौंपा गया था। टाइफाइड होने पर जिला अस्पताल शिवपुरी भर्ती कर इलाज कराया। शादी होने के बाद मायके पक्ष से भी ज्योति पहले से परेशान थी। ऊपर से एसआईआर के काम से तनाव बढ़ने से लकवा बीमारी का शिकार हो गई। अब भर्ती कर इलाज कराना पड़ रहा है। वहीं वर्मा कॉलोनी में बीएलओ का काम कर रहे एक अन्य शिक्षक रामसिंह रावत 28 नवंबर बीपी बढ़ने की शिकायत हुई। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
