शिवपुरी जिले के कोलारस के ग्राम मोहराई में राधा-कृष्ण मंदिर पर राधा अष्टमी के चलते ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से धार्मिक आयोजन किया गया था। कार्यक्रम के दौरान शाम को पूरे गांव में हलुए का प्रसाद बांटा गया। हलुआ का प्रसाद खाते ही महज आधे घंटे के भीतर गांव के 250 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। पूरे गांव में अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। मामले की सूचना जैसे ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर को लगी तो उन्होंने कोलारस से चिकित्सकीय दल गांव भेजकर मौके पर ही उपचार करवाया।

स्वास्थ्य विभाग का दल पहुंचा गांव


गांव में लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग का दल मौके पर पहुंचा। यहां चिकित्सकीय दल ने 175 लोगों का उपचार किया, जिसके बाद हालात कुछ सुधरे। कई ग्रामीणों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलारस भिजवाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार हालात नियंत्रण में हैं। गांव में ही कई लोगों का इलाज जारी है।

किराना स्टोर से खरीदा गया था घी


इस चिकित्सकीय दल में डॉ. संजय राठौर (बीएमओ), डॉ. नीलेश मेहते, सीएचओ रजनी खटीक, विवेक पचौरी, मनीष नाजगढ़ व आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बताया कि भंडारे का हलुआ बनाने के लिए कोलारस के श्याम किराना स्टोर से 250 रुपये किलो वाला घी खरीदा गया था। उसी घी से हलुआ तैयार किया गया। प्रथम दृष्टया माना जा रहा है कि यही नकली घी बीमारी की मुख्य वजह है। बताया जा रहा है कि यह नकली ब्रांड का घी कोलारस में ही तैयार किया जा रहा है।

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खाद्य सामग्री की सैंपलिंग

गांव में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद एसडीएम कोलारस अनूप श्रीवास्तव ने खाद्य एवं औषधि निरीक्षक विष्णुदत्त शर्मा को मौके पर भेजकर श्याम किराना स्टोर से घी और अन्य खाद्य सामग्री की सैंपलिंग करवाई गई। रिपोर्ट आने के बाद मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

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