सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत झखौरा गांव में प्रशासन ने एक बड़े विवादित निर्माण पर सख्त कार्रवाई करते हुए उसे पूरी तरह जमींदोज कर दिया। जिस निर्माणाधीन मकान में कथित तौर पर धार्मिक संरचना बनाई जा रही थी, वह लंबे समय से विवादों में घिरा हुआ था। इस भवन को लेकर धर्मांतरण से जुड़े गंभीर आरोप भी सामने आए थे। रविवार को मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। मौके पर तहसीलदार बिरसिंहपुर शैलेन्द्र शर्मा, तहसीलदार मझगवां हिमांशु शुक्ला और एसडीओपी चित्रकूट मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से करीब तीन घंटे तक कार्रवाई चलाकर विवादित धार्मिक संरचना सहित पूरे भवन को ध्वस्त कर दिया।

पांच जनवरी को किया गया था मकान सीज

सूत्रों के अनुसार यह मकान पांच जनवरी को सीज किया गया था। मकान को लेकर धर्मांतरण के आरोप और भाइयों के बीच संपत्ति के स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आया था। इसके बाद मझगवां एसडीएम ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भवन को सीज करने के आदेश दिए थे। साथ ही निर्देश दिए गए थे कि स्वामित्व विवाद के निपटारे तक ग्राम पंचायत इस स्थल की निगरानी करेगी। यह कार्रवाई थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी।

जमीन को लेकर दो पक्षों में पुराना विवाद

झखौरा गांव में जिस भूखंड पर निर्माण किया जा रहा था, उसे लेकर स्थानीय निवासी कामता चौधरी और उनके पारिवारिक रिश्तेदार लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष इस जमीन पर अपना-अपना अधिकार जताते रहे हैं। हाल के दिनों में विवाद उस समय और गहरा गया, जब लालमन उर्फ अब्दुल ने इस भूखंड पर गुंबदनुमा निर्माण कराना शुरू कर दिया।

धर्मांतरण रैकेट से भी जुड़ा मामला

इस प्रकरण का संबंध हाल ही में उजागर हुए धर्मांतरण रैकेट से भी जुड़ा बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सीमा से सटे धारकुंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने 31 दिसंबर को धर्मांतरण के एक संगठित रैकेट का खुलासा किया था। इस मामले में पिता-पुत्र सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस जांच में इस रैकेट का मुंबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद बढ़ी कार्रवाई

पुलिस को बीते कुछ समय से झखौरा निवासी 68 वर्षीय लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान पुत्र जिसवा चौधरी के खिलाफ ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मांतरण गतिविधियां संचालित करने और बिना अनुमति धार्मिक स्थल निर्माण कराने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी।

खुद बदला धर्म, फिर परिजनों का भी कराया धर्मांतरण

जांच में सामने आया कि आरोपी लालमन ने करीब 15 वर्ष पहले स्वयं धर्म परिवर्तन किया था। इसके बाद उसने अपने 32 वर्षीय बेटे विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर और 42 वर्षीय रिश्ते के भतीजे दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल्ला का भी धर्मांतरण कराया। आरोपी अपने घर में नियमित रूप से धार्मिक आयोजन करता था, जिसकी जानकारी ग्रामीणों को लंबे समय तक नहीं लग पाई।

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गुंबदनुमा निर्माण से खुला मामला

जब मकान की छत पर मस्जिदनुमा गुंबद का निर्माण शुरू हुआ, तब ग्रामीणों को गतिविधियों की भनक लगी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक स्वयं लिखी पुस्तक, धार्मिक किताबें, झंडे, बैनर और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोबाइल की जांच में कई आपत्तिजनक संदेश मिलने की बात पुलिस ने कही है।

कड़ी सुरक्षा में पूरी हुई कार्रवाई

रविवार को की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी पूरे समय मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। तीन घंटे चली जेसीबी कार्रवाई के बाद विवादित निर्माण पूरी तरह धराशायी कर दिया गया।

 



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