जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग की टीम नियमित प्रक्रिया के तहत बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए संबंधित उपभोक्ता के यहां पहुंची थी। इसी दौरान उपभोक्ता के बेटों सोनू और मोनू शेजवार द्वारा कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की गई, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कर्मचारियों पर ईंट से हमला किया गया और उनके साथ मारपीट भी की गई।
घटना में शासकीय कार्य में लगे कर्मचारियों को चोटें आईं, जिससे विभागीय अमले में रोष व्याप्त है। बिजली विभाग का कहना है कि यह मामला स्पष्ट रूप से शासकीय कार्य में बाधा डालने का है, इसके बावजूद पुलिस द्वारा संबंधित धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया गया। इसी बात को लेकर विभाग ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
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उधर, घटना का वीडियो सामने आने के बाद आमजन के बीच भी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार यह सवाल उठा रहे हैं कि शासकीय कर्मचारियों के साथ खुलेआम हुई मारपीट के बावजूद सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की गई। सिलवानी थाना क्षेत्र में बीते कुछ समय से लगातार घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर संदेह गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।
