मध्यप्रदेश के रायसेन शहर में बुधवार की सुबह सागर रोड स्थित भारत गैस एजेंसी के बाहर उस वक्त हंगामा मच गया, जब कई दिनों से गैस सिलिंडर के लिए तरस रहे उपभोक्ताओं का सब्र आखिरकार टूट गया। एजेंसी प्रबंधन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर गुस्साए लोगों ने अपने सिलिंडर और वाहन सड़क पर खड़े कर रास्ता जाम कर दिया।
यातायात पूरी तरह ठप
देखते ही देखते सागर रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति इस कदर बिगड़ी कि यात्री बसें, डंपर और यहां तक कि एंबुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, इलाके के सैकड़ों उपभोक्ताओं ने चार से पांच दिन पहले सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन तय समय पर डिलीवरी न होने से वे बार-बार एजेंसी के चक्कर काट रहे थे। मंगलवार को एजेंसी बंद रहने से पहले से ही परेशान लोगों की नाराज़गी और बढ़ गई।
सिलिंडर की उपलब्धता को लेकर जवाब नहीं मिला
बुधवार को उम्मीद लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को जब एक बार फिर निराशा हाथ लगी और एजेंसी की ओर से सिलिंडर उपलब्धता को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया और वे सड़क पर उतर आए। करीब 15 मिनट तक चले इस चक्का जाम के दौरान तेज़ धूप में महिलाएं और छोटे बच्चे भी घंटों खड़े रहे। गर्मी और बेइंतहा इंतज़ार के बीच लोगों की बेचैनी बढ़ती रही।
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एजेंसी की लापरवाही से परेशान आम लोग
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि घरों में रसोई का काम दिनों से प्रभावित है, लेकिन एजेंसी प्रबंधन की लापरवाही के चलते आम आदमी को बेवजह भटकना पड़ रहा है।घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सीधी बातचीत कर उनकी परेशानियां सुनीं और जल्द गैस आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद लोगों ने धीरे-धीरे सड़क खाली की और यातायात बहाल हुआ। इसके बाद प्रशासनिक निगरानी में एजेंसी पर क्रमवार सिलेंडर वितरण शुरू कराया गया, जिससे स्थिति काबू में आई। हालांकि इस पूरी घटना ने गैस वितरण व्यवस्था की खामियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
